अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर बने एक अमेरिकी आयोग ने भारतीय संसद में पेश नागरिकता संशोधन विधेयक पर चिंता जताई है. उसने कहा है कि यह विधेयक गलत दिशा में एक खतरनाक मोड़ है. उसने सरकार से मांग की है कि अगर नागरिकता संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित हो जाता है तो गृह मंत्री अमित शाह पर अमेरिका प्रतिबंध लगाए.

नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है. इसमें 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए गैर मुस्लिमों को आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है. यानी उन्हें अवैध शरणार्थी नहीं माना जाएगा.

विपक्ष नागरिकता संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध कर रहा है. उसने इसे भारत के मूल विचार के खिलाफ बताया है. हालांकि सरकार ने इस आरोप को खारिज किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह विधेयक समाहित करने की भारत की प्राचीन परंपरा के अनुरूप ही है. गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया है.

उधर, असम सहित पूरे पूर्वोत्तर में इस विधेयक का तीखा विरोध हो रहा है. वहां कई संगठनों का मानना है कि यह विधेयक वहां के मूल निवासियों के हितों के खिलाफ है. हालांकि बीते कुछ समय के दौरान सरकार ने उन्हें लगातार आश्वस्त करने की कोशिश की है.