नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ पूर्वोत्तर के छात्र संगठनों की तरफ से संयुक्त रूप से बुलाया गया 11 घंटे का बंद जारी है. पूर्वोत्तर छात्र संगठन (एनईएसओ) ने इस विधेयक के खिलाफ शाम चार बजे तक बंद का आह्वान किया है. कई अन्य संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इसे अपना समर्थन दिया है. इस बंद के मद्देनजर असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. गुवाहाटी विश्वविद्यालय और डिब्रुगढ़ विश्वविद्यालय ने आज होने वाली अपनी सभी परीक्षाएं टाल दी हैं. उधर, नगालैंड में चल रहे हॉर्नबिल महोत्सव की वजह से राज्य को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है.

नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है. विधेयक पर चर्चा के बाद इसके पक्ष में सोमवार को 311 और विरोध में 80 मत पड़े. अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाना है. इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए गैर मुस्लिमों को आसानी से नागरिकता मिल सकेगी. पूर्वोत्तर राज्यों के मूल निवासियों को डर है कि इन लोगों के प्रवेश से उनकी पहचान और आजीविका खतरे में पड़ सकती है.

हालांकि सरकार ने उन्हें आश्वस्त करने की कोशिश की है कि ऐसा नहीं होगा. गृह मंत्री अमित शाह के मणिपुर को इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के दायरे में लाने की बात कहने के बाद राज्य में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे द मणिपुर पीपल अगेंस्ट कैब (मैनपैक) ने अपना बंद रोकने की बात कही है.