हिंदी फिल्म ‘पानीपत’ का राजस्थान में विरोध बढ़ता जा रहा है. विरोध के चलते ज्यादातर सिनेमाघरों ने ‘पानीपत’ फिल्म को थियेटरों से उतार दिया है. फिल्म का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि फिल्म में भरतपुर के तत्कालीन महाराजा सूरजमल जाट के किरदार को गलत तरीके से दिखाया गया है.

राजस्थान फिल्म ट्रेड एंड प्रोमोशन काउंसिल के महासचिव राज बंसल ने मंगलवार को कहा कि आधे से अधिक सिनेमाघरों में इस फिल्म का प्रदर्शन रोक दिया गया है. राजधानी जयपुर सहित अन्य स्थानों बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, हनुमानगढ़ में फिल्म को थियेटरों से हटा लिया गया है. बंसल ने बताया कि इस पूरे मुद्दे पर सेंसर बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण है और सेंसर बोर्ड के पास प्रमाणीकरण से पूर्व केन्द्र को एक कमेटी बनाकर फिल्म की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सिनेमाघरों में सेंसर बोर्ड द्वारा पास की गई फिल्म का केवल प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन इस तरह के विवादों से व्यापार प्रभावित होता है और माहौल खराब होता है.

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी ‘पानीपत’ फिल्म को लेकर कह चुके हैं कि फिल्मों में किसी जाति, धर्म के अपमान वाली बातें नहीं दिखाई जानी चाहिए. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी फिल्म को लेकर ऐसा ही ट्वीट किया था. इसके अलावा लोकसभा में भी कुछ सदस्यों ने फिल्म ‘पानीपत’ पर प्रतिबंध की मांग की है.