छपाक! अंग्रेजी में कहें तो स्प्लैश (Splash). यह थोड़ा अटपटा है कि हिंदी की बजाय अंग्रेजी शब्द फिल्म का ज्यादा सटीक टाइटल लगता है. खैर, फिल्म के विषय और टाइटल को साथ देखें तो पता चलता है कि ये स्पलैश या छींटे सल्फ्युरिक एसिड के हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो ‘छपाक’ उन लड़कियों की कहानी कहने वाली है जो एसिड अटैक का शिकार बनीं. यह एक दुखद संयोग है कि जिस समय यह ट्रेलर रिलीज हुआ है, उसी समय देश महिलाओं के साथ हुई कुछ सबसे बर्बर घटनाओं का शोक मना रहा है. इस बहाने एक बार फिर पितृसत्तात्मक सोच की क्रूरता, महिलाओं की सुरक्षा और मजबूत कानून की जरूरत पर बहस चल पड़ी है. और, अफसोस कि इसके हमेशा की तरह फिर बिना किसी नतीजे के खत्म हो जाने की पूरी संभावना है.

‘छपाक’ पर वापस लौटें तो इसकी कहानी 2005 में दिल्ली के खान मार्केट में हुए एसिड अटैक पर आधारित है. ट्रेलर इस अटैक की सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल से प्रेरित किरदार मालती से आपको मिलवाता है. इसके बाद मालती के हादसे का शिकार होने और उससे बाहर निकलकर, अपनी तरह की लड़कियों के लिए प्रेरणा बन जाने तक के सफर की झलकियां दिखाता है. असल वाकये की बात करें तो महज 15 साल की उम्र में इस हादसे का शिकार होने वाली लक्ष्मी, हमले के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल करने के चलते चर्चा में आईं थीं जिसमें उन्होंने एसिड की खुली बिक्री पर रोक लगाए जाने की मांग की थी. इसके बाद लक्ष्मी कहां तक पहुंची हैं, यह जानने के लिए ट्रेलर से पहले उनका यह टेड टॉक वीडियो (नीचे) देखा जा सकता है जो 2017 में रिकॉर्ड किया गया था. इसमें उन्होंने अपनी उस डरावनी लेकिन प्रेरक कहानी पूरी तफ्सील से सुनाई है जिसमें एसिड अटैक सिर्फ चेहरा जला पाया, हौसला नहीं.

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‘छपाक’ में लक्ष्मी की भूमिका दीपिका पादुकोण ने निभाई हैं. भारतीय सुंदरता की प्रतीक माने जाने वाली दीपिका पादुकोण एसिड अटैक सर्वाइवर बनकर, अपनी उतनी ही खूबसूरत मुस्कान से ऐसी तमाम लड़कियों की हिम्मत का प्रतीक बनती दिख रही हैं. उनकी तरफ से एक बार फिर कई दर्जा बेहतर और परतदार अभिनय फिल्म में दिखाई देने वाला है, इस बात का भरोसा ट्रेलर दिलाता है. उनके अलावा, फिल्म में विक्रांत मासी भी हैं जिनका किरदार सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार आलोक दीक्षित से प्रेरित दिख रहा है. तकरीबन, एक दशक पहले ‘स्टॉप एसिड अटैक’ कैंपेन की शुरूआत करने वाले दीक्षित की एक पहचान यह भी है कि वे लक्ष्मी अग्रवाल के हमसफर हैं.

मेघना गुलज़ार निर्देशित ‘छपाक’ की पटकथा उन्होंने अतिका चौहान के साथ मिलकर लिखी है. फिल्म का संगीत शंकर, एहसान और लॉय की तिकड़ी ने दिया हैं और गीत गुलज़ार साहब के लिखे हैं. एक प्रेरक कहानी के साथ यह बेहतरीन टीम भी फिल्म देखने की वजहों में शामिल की जा सकती है.

बाद बाकी, एक बेहतरीन विषय पर बनी ‘छपाक’ मासूम लड़कियों की सूरत बिगाड़ने वाले समाज की घिनौनी सूरत कितनी सफाई से दिखा पाती है, इसका पता 10 जनवरी को फिल्म रिलीज के साथ ही चलेगा.

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