अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) आरक्षण को सर्वसम्मति से बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख़ुशी जाहिर की है. मंगलवार को उन्होंने कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एससी-एसटी आरक्षण को 10 साल और बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘मैं संविधान (126वां संशोधन) विधेयक, 2019 के सर्वस्म्मति से पारित होने को लेकर बेहद खुश हूं, जो एससी-एसटी आरक्षण को दस और वर्षों के लिए बढ़ाता है. हम अपने नागरिकों, विशेष रूप से हाशिये पर मौजूद वर्गों के सशक्तिकरण के प्रति वचनबद्ध हैं.’

इससे पहले मंगलवार को लोकसभा ने अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए आरक्षण 10 साल बढ़ाने को मंजूरी दे दी. आरक्षण को लेकर पेश किया गया संविधान (126वां संशोधन) विधेयक, 2019 के पक्ष में 352 वोट पड़े और इसके खिलाफ किसी ने वोट नहीं किया.

विधेयक पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाजपा समाज के इन वर्गों को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे कभी नहीं हटाया जाएगा. चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने विधेयक में एंग्लो-इंडियन’ समुदाय को शामिल न करने पर चिंता जताई. इस पर कानून मंत्री का कहना था कि सरकार इस पर जल्द ध्यान देगी. उन्होंने कांग्रेस पर रेलवे और डाक विभाग में एंग्लो-इंडियन समुदाय के लिए मौजूद आरक्षण का प्रावधान खत्म करने का आरोप लगाया. रविशंकर प्रसाद ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में एंग्लो-इंडियन समुदाय के 296 व्यक्ति हैं.