ब्रिटेन में गुरूवार को होने वाले आम चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन सभी नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. चुनाव से पहले किया गया एक निर्णायक सर्वेक्षण प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को बढ़त मिलते दिखा रहा है. लेकिन इस सर्वे में खंडित जनादेश की संभावना भी जताई गयी है.

2017 में हुए आम चुनाव के परिणामों का सटीक अनुमान लगाने वाले ‘यूगव’ पोल के अनुसार कंजर्वेटिव पार्टी आगे रहेगी, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा नहीं किया जा सकता है. मतदान की पूर्व संध्या पर जारी इस सर्वेक्षण के नतीजों में बताया गया है कि कंजर्वेटिव पार्टी को 339 सीटें, लेबर पार्टी को 231, लिबरल डेमोक्रेट्स को 15 और स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) को 21 सीटें मिल सकती हैं. ब्रिटिश संसद के 650 सदस्यीय ‘हॉउस ऑफ कॉमन्स’ में बहुमत का जादुई आंकड़ा 326 है.

ब्रिटेन के इस चुनाव में भारतीय मूल के लोगों की संख्या को देखते हुए उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यही वजह है कि दोनों प्रमुख पार्टियां भारतीयों को रिझाने के खूब प्रयास कर रही हैं. मंगलवार को प्रवासी भारतीयों को आकर्षित करने के लिये ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अपनी महिला मित्र कैरी सायमंड्स के साथ लंदन के प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया.

कश्मीर के मुद्दे पर प्रमुख विपक्षी लेबर पार्टी के कथित भारत विरोधी रूख की ओर इशारा करते हुए जॉनसन ने कहा, ‘इस देश में किसी भी प्रकार के नस्लवाल या भारत विरोधी भावना के लिए कोई जगह नहीं हो सकती है.’