नागरिकता संशोधन बिल पर पूर्वोत्तर में उबाल जारी है. हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बाद असम के गुवाहाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया है. राज्य के 10 जिलों में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. असम में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ बुधवार को हजारों लोग सड़क पर उतर आए. कई जगहों पर उनकी सुरक्षा बलों से झड़पें हुईं. गुवाहाटी एयरपोर्ट के बाहर चल रहे उग्र प्रदर्शन के कारण मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल घंटों तक फंसे रहे.

उधर, त्रिपुरा में भी नागरिकता संशोधन विधेयक का काफी विरोध हो रहा है. हालात से निपटने के लिए वहां सेना भेजी गई है. कांग्रेस ने आज राज्य में बंद का आह्वान किया है.

विरोध प्रदर्शनों का सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है. गुवाहाटी में चल रहे रणजी ट्रॉफी के एक मैच के चौथे दिन का खेल रद्द कर दिया गया है. रेलवे ने असम और त्रिपुरा आने-जाने वाली सभी यात्री ट्रेनों को निलंबित कर दिया है. लंबी दूरी वाली ट्रेनों को गुवाहाटी में ही रोका जा रहा है.

इस बीच, केंद्र सरकार ने प्राइवेट टीवी चैनलों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया कि चैनल ऐसी सामग्री न दिखाएं जो हिंसा भड़का सकती हो या जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा हो या फिर जो राष्ट्र विरोधी नजरिये को बढ़ावा देती हो.

लोकसभा के बाद कल राज्यसभा में भी नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो गया. राज्यसभा में इस विधेयक के पक्ष में 125 वोट और विरोध में 105 वोट पड़े. इस दौरान सदन में खूब हंगामा हुआ. विधेयक को पेश करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के मुसलमानों को इससे चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे भारतीय नागरिक थे, हैं और रहेंगे. इससे पहले भाजपा संसदीय दल की एक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विधेयक को ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने कहा कि इसका विरोध करने वाले पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. उधर, कांग्रेस ने इसे भारत की आत्मा पर हमला बताया.