नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में जल रहे असम के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वस्त किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक के संसद में पारित होने से असम को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. अपने एक ट्वीट में नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई आपके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और खूबसूरत संस्कृति को छीन नहीं सकता है. यह आगे बढ़ता और फलता-फूलता रहेगा.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था कि केंद्र सरकार और वे असम के लोगों के राजनीतिक, भाषायी, सांस्कृतिक और भूमि संबंधी अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

राज्यसभा ने बुधवार को विस्तृत चर्चा के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित कर दिया. विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया. इससे पहले सोमवार को लोकसभा ने इसे मंजूरी दे दी थी. इसके बाद से पूर्वोत्तर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं. असम के गुवाहाटी में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लोगों ने आज सुबह कर्फ्यू का उल्लंघन किया. यहां सेना ने फ्लैग मार्च किया है. लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बाद गुवाहाटी में बुधवार रात अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया था. राज्य में कई जगहों पर भाजपा के दफ्तरों पर हमले हुए हैं. उधर, त्रिपुरा में भी नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है.

नागरिकता संशोधन विधेयक में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों - हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है.