लोकसभा में गुरुवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक, 2019 पारित हो गया. इससे पहले इस विधेयक पर काफी चर्चा हुई. इस दौरान मध्य प्रदेश के सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह ने दावा किया कि संस्कृत बोलने से डायबिटीज और कॉलेस्ट्रॉल कम होता है.

पीटीआई के मुताबिक गुरूवार को चर्चा में भाग लेते हुए गणेश सिंह ने दावा किया कि अमेरिका के एक शिक्षण संस्थान के अनुसंधान के अनुसार रोजाना संस्कृत भाषा बोलने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है और डायबिटीज व कॉलेस्ट्रॉल कम होता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक अनुसंधान के अनुसार अगर कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग संस्कृत में की जाए तो यह अधिक सुगम हो जाएगी.

इससे पहले केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक पर सदन में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सरकार संस्कृत के साथ ही तमिल, तेलुगू, बांग्ला, मलयालम, गुजराती, कन्नड आदि सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त करने की पक्षधर है और सभी को मजबूत बनाना चाहती है.

निशंक ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने से विज्ञान के साथ संस्कृत का ज्ञान जुड़़ेगा और देश फिर से विश्वगुरू बनेगा. उनके मुताबिक यह विधेयक देश को श्रेष्ठ बनाने की दिशा में एक कदम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक-भारत, श्रेष्ठ-भारत का और देश को विश्वगुरू बनाने का रास्ता इसी से निकलेगा.

इसके बाद लोकसभा में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. इस विधेयक में देश में संस्कृत के तीन मानद विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने का प्रावधान है. संसद से विधेयक के पारित होने के बाद दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ और तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का दर्जा मिल जाएगा. अभी ये तीनों संस्थान संस्कृत अनुसंधान के क्षेत्र में अलग-अलग कार्य कर रहे हैं.