1-राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके बाद यह कानून बन गया है. एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार गुरुवार को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही यह कानून लागू हो गया है. इस कानून के मुताबिक हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं और जिन्हें अपने देश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना पड़ा है, उन्हें गैरकानूनी प्रवासी नहीं माना जाएगा, बल्कि भारतीय नागरिकता दी जाएगी.

2-कानून के मुताबिक इन छह समुदायों के शरणार्थियों को पांच साल तक भारत में रहने के बाद भारत की नागरिकता दी जाएगी. अभी तक यह समयसीमा 11 साल की थी. कानून के मुताबिक ऐसे शरणार्थियों को गैर-कानून प्रवासी के रूप में पाए जाने पर लगाए गए मुकदमों से भी माफी दी जाएगी. नागरिकता संशोधन कानून के अनुसार यह असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि ये क्षेत्र संविधान की छठी अनुसूची में शामिल हैं. इसके साथ ही यह कानून बंगाल पूर्वी सीमा विनियमन, 1873 के तहत अधिसूचित इनर लाइन परमिट (आईएलपी) वाले इलाकों में भी लागू नहीं होगा.

3-उधर, नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ असम सहित पूरा पूर्वोत्तर उबाल पर है. कल विरोध प्रदर्शनों के बीच सेना ने कहा कि उसने असम के नहारकाटिया रेलवे स्टेशन पर एक एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों को भीड़ से बचाया जो रेल के डिब्बों को आग लगाने पर उतारू थे. पीटीआई के मुताबिक सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि भीड़ ने सिलचर-डिब्रुगढ़ ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस को घेर लिया और वे उसमें आग लगाने ही वाले थे कि सुरक्षा बल वहां पहुंच गए. उन्होंने बताया कि रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को बचाने के लिए तत्काल मदद का अनुरोध किया था. इस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सेना और असम राइफल्स की टुकड़ियां मौके पर पहुंच गईं और भीड़ को खदेड़ दिया.

4-असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है. गुवाहाटी में कर्फ्यू जारी है. असम में इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगी हुई है. इस सबके बावजूद राज्य में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही. कर्फ्यू तोड़कर लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. पुलिस फायरिंग में गुरुवार को दो लोगों की मौत हो गई.

5-उधर, बांग्लादेश ने भारत से उसके गुवाहाटी स्थित मिशन की सुरक्षा के लिए कहा है. असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए यह अनुरोध किया गया है. भीड़ ने मिशन के पास दो साइनपोस्ट को क्षतिग्रस्त कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.