असम के गुवाहाटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे के बीच प्रस्तावित शिखर सम्मेलन पूर्वोत्तर में तनाव की भेंट चढ़ गया है. नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर असम सहित यहां के सभी राज्यों में उबाल है. इस खबर को आज सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसके अलावा ब्रेक्जिट पर अडिग बोरिस जॉनसन की शानदार जीत और बलात्कार पर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा के संसद में हंगामे को भी अखबारों ने प्रमुख सुर्खियों में शामिल किया है.

आंध्र प्रदेश में बलात्कार के मामलों का निपटारा 21 दिन में, दोषियों के लिए मौत की सजा भी

आंध्र प्रदेश में अब बलात्कारियों को 21 दिनों में मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है. दैनिक जागरण के मुताबिक प्रदेश की विधानसभा ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से इससे संबंधित दो विधेयकों को पारित कर दिया. हैदराबाद की एक वेटनरी डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के बाद और देश भर में त्वरित न्याय की उठ रही मांग के बीच कानून में संशोधन करने वाला आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है. मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि यह विधेयक राज्य और केंद्र की समवर्ती सूची में है और इसे राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजा जाएगा. पहले विधेयक को आंध्र प्रदेश दिशा विधेयक-आपराधिक कानून (आंध्र प्रदेश संशोधन) विधेयक-2019 का नाम देते हुए पीड़िता को श्रद्धांजलि दी गई है. हैदराबाद पुलिस ने उसकी पहचान छुपाते हुए उसे दिशा नाम दिया था.

अयोध्या मामला : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक महीने बाद भी राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन नहीं

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक महीने बाद भी राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन नहीं हो सका है. दैनिक भास्कर के मुताबिक इसकी वजह है ट्रस्ट के अध्यक्ष पद के लिए किसी नाम पर सहमति न बन पाना. अखबार ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि केंद्र ने इसे लेकर कई बैठकें की हैं, लेकिन अनिश्चितता जारी है. पद के लिए कई दावेदार हैं. संघ प्रमुख मोहन भागवत के नाम की भी चर्चा है. सुप्रीम कोर्ट के नौ नवंबर के आदेश के मुताबिक सरकार को तीन महीने के भीतर राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करना है.

ब्रिटेन के चुनाव में रिकॉर्ड भारतवंशी जीते

ब्रिटेन में आम चुनाव शानदार जीत दर्ज करने वाले प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के अलावा कंजरवेटिव और लेबर पार्टियों के भारतीय मूल के उम्मीदवारों के लिए भी असाधारण रहा है. हिंदुस्तान के मुताबिक इस बार रिकॉर्ड 15 भारतवंशी संसद में चुनकर आए हैं. इनमें 12 पुराने चेहरे हैं तो तीन नए. पूर्व की संसद के भारतीय मूल के सभी सांसदों ने अपनी सीटों पर सफलतापूर्वक कब्जा बरकरार रखा. वहीं कंजर्वेटिव पार्टी के लिए गगन मोहिंद्रा और क्लेयर कोटिन्हो और लेबर पार्टी के नवेंद्रु मिश्रा पहली बार सांसद बने. आसान जीत के साथ हाउस ऑफ कॉमन्स में लौटने वाले भारतीय मूल के सांसदों में ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल शामिल रहीं. उन्हें बोरिस जॉनसन की नई कैबिनेट में अहम जगह मिलने की संभावना है.