झारखंड के दुमका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर पहली बार बोला. प्रधानमंत्री ने हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की बात अब कोई सुनता नहीं है तो वे आगजनी और हिंसा पर उतर आये हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘हमारी संसद ने नागरिकता से जुड़ा एक बदलाव किया, ताकि पड़ोसी देश में रहने वाले हिन्दुओं, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध, जैन को नागरिकता मिल सके. इसके लिए भारत की दोनों सदनों ने बहुमत से बिल पास किया. कांग्रेस और उसके सहयोगी तूफान खड़ा कर रहे हैं. ये आग लगाने वाले कौन लोग हैं, ये उनके कपड़ों से पता चल जाता है.’

नरेंद्र मोदी का आगे कहना था, ‘कांग्रेस और उनके साथी, हमारा विरोध करने वाले लोगों, अगर समझ सको तो समझो, देश आपकी करतूतें देख रहा है और देश का विश्वास का पक्का होता जा रहा है कि मोदी ने, देश की संसद ने, भारत की सरकार ने नागरिकता का कानून बनाकर देश को बचा लिया है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और पूर्वोत्तर के लोगों की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, ‘मैं असम के, पूर्वोत्तर के भाइयों, बहनों का सर झुकाकर अभिनंदन करता हूं, उन्होंने हिंसा करने के इरादे वालों को अलग कर दिया है, देश का मान-सम्मान बढ़े, ऐसा व्यवहार असम और पूर्वोत्तर कर रहा है, अपना गिला-शिकवा भी बता रहा है, यही तो लोकतंत्र है.’