दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों का रविवार को पुलिस के साथ संघर्ष हो गया. इस संघर्ष में प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की कई बसों और एक अग्निशमन गाड़ी में आग लगा दी. पीटीआई के मुताबिक पुलिस ने बताया कि दक्षिण पूर्व दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हुए हिंसक प्रदर्शन में एक सिपाही और दो दमकलकर्मी जख्मी हो गए हैं.

दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर दमकल की चार गाड़ियां भेजी गई हैं. प्रदर्शनकारियों की हिंसा में एक दमकल गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दो कर्मी जख्मी हो गए.

कांग्रेस से संबद्ध ‘नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया’ के राष्ट्रीय सचिव सिमॉन फारूकी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से मथुरा रोड पर बैठे थे तभी पुलिस ने उनमें से कुछ को परेशान करने का प्रयास किया जिसका उन्होंने विरोध किया.

फारूकी और कुछ प्रदर्शनकारियों ने पीटीआई से बातचीत में दावा किया कि जब वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

घटना की जानकारी देते हुए एक अन्य छात्र ने कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा बल प्रयोग करने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने बसों में आग लगा दी और तोड़फोड़ शुरू कर दी.

इस घटना के तुरंत बाद आयीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि हिंसा में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र शामिल थे. इन खबरों का जामिया के प्रशासन ने खंडन किया है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बयान जारी कर कहा, ‘दक्षिण दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आसपास के लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, छात्रों के आंदोलन के दौरान नहीं. बीते शु्क्रवार को पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प के बाद सर्दियों की छुट्टी घोषित कर दी गयी थी और सेमेस्टर परीक्षा टाल दी गयी...छात्रावास में रहने वाले बड़ी संख्या में छात्र पहले ही यहां से चले गए हैं और कुलपति नजमा अख्तर ने छात्रों से शांति बनाये रखने की अपील की है.’