‘आदिवासियों के लिए संघर्ष करना कांग्रेस की आत्मा में है.’  

— प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिव

प्रियंका गांधी ने यह बात झारखंड में एक चुनावी रैली में कही. कांग्रेस महासचिव का यह भी कहना था कि आदिवासी संस्कृति को बचाए रखना कांग्रेस के कण-कण में है. झारखंड में इन दिनों विधानसभा चुनाव चल रहे हैं.

‘हमारा लोकतंत्र चकनाचूर हो रहा है.’  

— मुज्तबा हुसैन, उर्दू लेखक

मुज्तबा हुसैन ने यह बात अपना पद्मश्री सम्मान लौटाने का ऐलान करते हुए कही. उन्होंने यह भी कहा, ‘अब कोई सिस्टम नहीं बच पा रहा है. किसी को सुबह सात बजे शपथ दिलाई जा रही है. रात को सरकारें गठित की जा रही हैं. देशभर में डर का माहौल है.’


‘हमारे अधिकारों का क्या होगा?’ 

— आशा देवी, निर्भया की मां

आशा देवी की यह प्रतिक्रिया तब आई जब निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों के लिए फिलहाल डेथ वारंट जारी करने से मना कर दिया. निर्भया की मां से सहानुभूति जताते हुए उसका यह भी कहना था कि कानून ने दोषियों को बचाव के लिए सारे विकल्पों का अधिकार दिया है. अदालत ने कहा कि इस मामले में राष्ट्रपति के पास दायर होने वाली दया याचिका के खारिज होने के बाद ही फैसला होगा.


‘सिर्फ सोशल मीडिया पर प्रोटेस्ट करने का समय अब खत्म हो गया है.’  

— फरहान अख्तर, फिल्मकार और अभिनेता

नए नागरिकता कानून का विरोध करने वालों में अब फरहान अख्तर का नाम भी जुड़ गया है. उन्होंने अपने जैसे बाकी लोगों का आह्वान किया है कि वे 19 दिसंबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में इकट्ठा हों. देश भर में कई जगहों पर इस कानून का तीखा विरोध हो रहा है.