‘मैंने देखा कि सत्ता के लालच में कैसे दोस्तों को नजरअंदाज कर दिया जाता है.’  

— आदित्य ठाकरे, शिवसेना नेता

उद्धव ठाकरे के बेटे और पहली बार विधायक बने आदित्य ठाकरे का यह बयान भाजपा पर कंज कसते हुए आया है. वरली से विधायक आदित्य हाल में राज्य विधानसभा के संयुक्त सत्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के संबोधन पर विधानसभा में बोल रहे थे. लंबे समय से केंद्र में सत्ताधारी पार्टी की सहयोगी रही शिवसेना ने हाल में उसका साथ छोड़कर महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई है.

‘हम सरकार के आदेश के हिसाब से चल रहे हैं.’

— सुनील भारती मित्तल, भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन

सुनील भारती मित्तल ने यह बात नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर कुछ जगहों पर फोन और इंटरनेट सेवाओं को बंद किए जाने पर कही. उन्होंने कहा कि वे सरकार के फैसलों से बंधे हुए हैं.


‘कांग्रेस का पाखंड देखिए.’ 

— संबित पात्रा, भाजपा प्रवक्ता

संबित पात्रा ने यह बात ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करके कही है. यह वीडियो 18 दिसंबर 2003 का बताया जा रहा है और इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार के बारे में बता रहे हैं. संबित पात्रा ने कहा कि मनमोहन सिंह के इस बयान की तुलना कांग्रेस के वर्तमान रुख से की जानी चाहिए.


‘मुझे नहीं लगता कि यूरोप की तरह भारत में भी होलोकास्ट होगा क्योंकि गैस चेंबरों में भेजने के लिहाज से मुसलमानों की संख्या बहुत ज्यादा है.’

— मार्कंडेय काटजू, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज

मार्कंडेय काटजू ने यह बात अपने एक लेख में कही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को समझ में नहीं आ रहा कि भारत पर छाए आर्थिक संकट का समाधान कैसे हो, इसलिए वह मुसलमानों को बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रही है. मार्कंडेय काटजू ने कहा कि 1922 के इटली और 1933 के जर्मनी में जब फासीवादी सरकारों ने सत्ता संभाली थी तो ठीक वैसे ही हालात थे जैसे आज हैं.