उन्नाव बलात्कार मामले में दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उम्र कैद की सजा सुनाई है. उन पर अपहरण और बलात्कार का आरोपित साबित हुआ. अदालत ने उन्हें एक महीने के भीतर 25 लाख रु देने को भी कहा है. यह रकम पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी. इस मामले में सह अभियुक्त शशि सिंह को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है.
साल 2017 में एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया गया था. बीते अगस्त में यह मामला एक बार फिर उस वक्त चर्चा में आया जब इसकी पीड़िता उत्तर प्रदेश के ही रायबरेली में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई. उस दुर्घटना में उसकी दो महिला रिश्तेदारों की भी मौत हो गई थी. साथ ही उसका वकील भी बुरी तरह घायल हो गया था.
दोनों ही मामलों की जांच सीबीआई ने की और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह मामला लखनऊ की अदालत से दिल्ली की एक अदालत में ट्रांसफर किया गया. इसके बाद अदालत ने कुलदीप सेंगर और शशि सिंह पर बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा (पॉक्सो) कानून के तहत आरोप तय किए थे. पांच अगस्त से रोज़ाना इस मामले की सुनवाई चल रही थी.
कुलदीप सिंह सेंगर उत्तर प्रदेश के उन्नाव की बांगरमऊ सीट से विधायक हैं. उन पर आरोप लगने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था. इससे पहले भी वे उन्नाव की ही विभिन्न सीटों से तीन बार, तीन अन्य पार्टियों - सपा, बसपा और कांग्रेस - के विधायक रह चुके हैं.
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