राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण (एनआरसी) देश को त्रस्त कर रहे गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने की चाल है. शरद पवार ने कहा, ‘न सिर्फ अल्पसंख्यक बल्कि जो भी देश की एकता और प्रगति की चिंता करते हैं, वे सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे हैं. नया नागरिकता कानून देश की धार्मिक, सामिजक एकता और सौहार्द को बिगाड़ेगा.’

शरद पवार ने यह सवाल भी किया कि संशोधित कानून के तहत केवल पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के शरणार्थियों को ही नागरिकता क्यों दी जाएगी और श्रीलंका के तमिलों को क्यों नहीं. उनका कहना था कि बिहार समेत एनडीए के शासन वाले आठ राज्यों ने कानून को लागू करने से इनकार कर दिया है और महाराष्ट्र का भी रुख यही रहना चाहिए.

नए नागरिकता कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले गैर मुस्लिमों को आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है. हालांकि इसका पूरे देश में व्यापक विरोध हो रहा है. विपक्ष इसे संविधान की आत्मा पर हमला बता रहा है. अब खबर है कि सरकार इस पर लोगों के सुझाव सुनने के लिए तैयार हो गई है.