नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में एक रैली को संबोधित किया. नए नागरिकता कानून के समर्थन में हुई इस रैली में उन्होंने कहा कि इस कानून से किसी मुसलमान को कोई खतरा नहीं है.

पीटीआई के मुताबिक नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में कहा, ‘नागरिकता कानून से किसी भी भारतीय मुस्लिम को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा. यह कानून सिर्फ तीन पड़ोसी देशों (बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान) में धार्मिक आधार पर सताए गए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए लाया गया है. मैं अपने मुस्लिम भाइयों से अपील करता हूं, कांग्रेस के इस गलत अभियान के माध्यम से समझें कि वे केवल आपको वोट मशीन के रूप में देखते हैं.’

मोदी सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आगे कहना था, ‘वोट बैंक की राजनीति के लिए विपक्षी पार्टियां मुसलमानों को भड़का रही हैं. उनमें भ्रम फैलाया जा रहा है कि इस्लाम खतरे में है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है...हमने सलमा आगा और अदनान सामी को नागरिकता दी है. इस कानून से जुड़ी बातों को लोगों तक पहुंचाने के लिए आप आगे आइए. लोगों में इसके बारे में जो भ्रम है उसे दूर करने में मदद कीजिए.’

पीटीआई के मुताबिक नितिन गडकरी ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा, ‘पाकिस्तान और बांग्लादेश इस्लामिक राष्ट्र हैं और 100 से 150 ऐसे देश हैं जिन्होंने स्वयं को इस्लामिक या मुस्लिम देश घोषित किया है. डॉ आंबेडकर ने संविधान में कहा कि इन देशों के मुसलमान यदि अपना देश छोड़ते हैं तो उनके पास 100 से 150 विकल्प हैं और वे दुनिया के किसी भी मुस्लिम देश में शरण ले सकते हैं. लेकिन हिंदुओं, सिखों, भारतीय बौद्धों, ईसाइयों, जैनियों के पास जाने के लिए कोई देश नहीं है. हमारा देश सभी को गले लगाता है.’