सार्वजनिक स्थानों पर बगैर मंजूरी के राजनीतिक पोस्टर-बैनर लगाये जाने के खिलाफ इंदौर नगर निगम ने भाजपा के खिलाफ भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर हुए कार्यक्रम के लिए लगाया गया है. इस पूरे प्रकरण में दिलचस्प बात यह है कि इंदौर नगर निगम (आईएमसी) की बागडोर भाजपा के पास ही है.

इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई की जद में आयी यह प्रचार सामग्री संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के समर्थन में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में अवैध और अनधिकृत तौर पर लगायी गई थी. अधिकारी ने बताया कि इस मामले में भाजपा की शहर इकाई के अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा को बाकायदा पत्र जारी कर कहा गया है कि वह आईएमसी के खजाने में 13 लाख 46 हजार 300 रुपये की जुर्माना राशि जमा करायें.

शहरी निकाय के इस पत्र में रविवार को अलग-अलग स्थानों पर बगैर मंजूरी पोस्टर-बैनर लगाये जाने और अतिक्रमण कर सड़क पर यातायात बाधित किये जाने का जिक्र है. लेकिन, इस पत्र में जेपी नड्डा या भाजपा के बड़े नेताओं का सीधा उल्लेख करने से बचा गया है. जिस आईएमसी की ओर से भाजपा की शहर इकाई को भारी जुर्माने का यह पत्र जारी किया गया है, उस शहरी निकाय पर इसी पार्टी का राज है. लेकिन, प्रदेश सरकार की बागडोर कांग्रेस के हाथों में है.

जुर्माने का नोटिस जारी होने के बाद स्थानीय भाजपा विधायक और शहर की महापौर मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ ने अपनी पार्टी के खिलाफ आईएमसी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाये हैं. गौड़ ने संवाददाताओं से कहा, ‘जुर्माना लगाने की भी एक हद होती है. कमलनाथ की अगुवाई वाली प्रदेश सरकार के इशारे पर आईएमसी प्रशासन के अफसरों ने पोस्टर-बैनर मामले में भाजपा के साथ सरासर भेदभाव किया है.’ महापौर ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने कुछ दिन पहले शहर में अनधिकृत तौर पर राजनीतिक पोस्टर-बैनर लगाये थे, लेकिन आईएमसी प्रशासन ने उन पर अब तक कोई जुर्माना नहीं लगाया है.