उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे घोटाला मामले की जांच का जिम्मा अब सीबीआई ने ले लिया है. पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने अपनी प्राथमिकी में पूर्व यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता और 20 अन्य को नामजद किया है. सीबीआई ने उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश पर यह कदम उठाया है. सरकार ने जांच एजेंसी से यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए मथुरा में बड़ी जमीनों की खरीद में हुई कथित अनियमितताओं की जांच करने को कहा है. जमीनों की यह खरीद मायावती और अखिलेश यादव सरकार के दौरान हुई थी.

आरोप है कि तत्कालीन यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे के लिए मथुरा के सात गांवों में जमीन खरीदी थी जिससे राज्य सरकार को 126 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. करीब 165 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे नोएडा को ताजनगरी आगरा से जोड़ता है. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 2009 में इस परियोजना का उद्घाटन किया था. 2012 में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समय इसका उद्घाटन हुआ था.