पश्चिम बंगाल के जाधवपुर विश्वविद्यालय में नए नागरिकता कानून (सीएए) पर एक छात्रा का अनूठा विरोध चर्चा का विषय बन गया है. देबोस्मिता चौधरी नाम की इस छात्रा ने कल सालाना दीक्षांत समारोह के दौरान मंच पर ही इस कानून की एक प्रति फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया. एमए की इस छात्रा का कहना था, ‘हम कागज नहीं दिखाएंगे. इन्कलाब जिंदाबाद.’ इसके बाद देबोस्मिता ने अपनी डिग्री उठाई और मंच से नीचे आ गईं. इस दौरान मंच पर कुलपति भी मौजूद थे.

बाद में पीटीआई से बात करते हुए देबोस्मिता चौधरी का कहना था, ‘इस बात पर कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए. मैंने जाधवपुर विश्वविद्यालय के प्रति कोई असम्मान नहीं दिखाया. मुझे अपने इस पसंदीदा संस्थान से डिग्री हासिल करने पर गर्व है. हां, मैंने सीएए के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करने के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया...मेरे दोस्त गेट के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं.’

जाधवपुर विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल में नए नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है. कल यहां प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को विश्वविद्यालय परिसर में नहीं घुसने दिया. वे दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने आए थे. विरोध के बाद उन्हें वापस लौटाना पड़ा. बाद में एक ट्वीट में उन्होंने खुद को असहाय बताया. इससे पहले सोमवार को भी उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में नहीं घुसने दिया गया था. राज्यपाल इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं.