प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘अटल भूजल योजना’ की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि इससे सात राज्यों के 8,350 गांवों को फायदा होगा. उन्होंने इसके साथ ही लेह और मनाली को जोड़ने वाली सुरंग का नाम ‘अटल टनल’ करने की घोषणा भी की. पीटीआई के मुताबिक नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली में आयोजित समारोह में की. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत भी मौजूद थे.
Launching the Atal Bhujal Yojana. Watch. https://t.co/jGnhUIBbrU
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2019
अटल भूजल योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पानी का विषय अटल जी के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, उनके हृदय के बहुत करीब था.’ नरेंद्र मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के दौरान पानी और इसके प्रबंधन के विषय पर ‘समग्र दृष्टिकोण’ का अभाव होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस मामले में व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है. प्रधानमंत्री का कहना था, ‘एक तरफ जल जीवन मिशन है जो हर घर तक पाइप से जल पहुंचाने का काम करेगा और दूसरी तरफ अटल जल योजना है जो उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देगी जहां भूजल स्तर बहुत नीचे है.’
अटल भूजल योजना पर कुल 6000 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है. इसमें से 50 प्रतिशत विश्व बैंक ऋण के रूप में होगा और शेष 50 प्रतिशत नियमित बजटीय सहायता से केंद्रीय मदद के रूप में. राज्यों को यह पैसा अनुदान के रूप में मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘आज देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण, एक बड़ी परियोजना का नाम अटल जी को समर्पित किया गया है. हिमाचल प्रदेश को लद्दाख और जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाली, मनाली को लेह से जोड़ने वाली रोहतांग टनल अब अटल टनल के नाम से जानी जाएगी.’
रोहतांग दर्रे के नीचे रणनीतिक महत्व की इस सुरंग को बनाए जाने का ऐतिहासिक फैसला तीन जून 2000 को लिया गया था जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे. कुल 8.8 किलोमीटर लंबी यह सुरंग 3000 मीटर की ऊंचाई पर बनायी गयी दुनिया की सबसे लंबी सुरंग है. इससे सड़क मार्ग से मनाली से लेह की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी. 15 अक्टूबर 2017 को सुरंग के दोनों छोर तक सड़क निर्माण पूरा कर लिया गया था. सुरंग का निर्माण जल्दी ही पूरा होने वाला है.
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