शोएब अख्तर द्वारा पाकिस्तान क्रिकेट टीम में दानिश कनेरिया के साथ गलत व्यवहार करने की बात पर मोहम्मद यूसुफ ने पलटवार किया है. पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने शुक्रवार को एक ट्वीट में लिखा, ‘मैं पाकिस्तान टीम में अल्पसंख्यक खिलाड़ियों के साथ भेदभाव के बारे में की गई टिप्पणियों की निंदा करता हूं. मैं टीम का सदस्य रहा हूं और मुझे हमेशा टीम, प्रबंधन और प्रशंसकों से बहुत प्यार और समर्थन मिला है! पाकिस्तान जिंदाबाद.’

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार रहे यूसुफ योहाना ने 1998 में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. यूसुफ योहाना पाकिस्तान की क्रिकेट टीम में गैर मुस्लिम खिलाड़ी के तौर पर जुड़े थे. वह ईसाई धर्म से थे, लेकिन 2004 में वह धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बन गए और इसके बाद उन्होंने अपना नाम मोहम्मद यूसुफ रखा.

बीते गुरूवार को पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने आरोप लगाया था कि उनके कुछ साथी खिलाड़ी दानिश कनेरिया के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया करते थे. अख्तर के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कुछ खिलाड़ी कनेरिया के साथ खाना भी नहीं खाते थे क्योंकि वह एक हिंदू था.

अख्तर ने पाकिस्तानी चैनल पीटीवी स्पोटर्स के एक कार्यक्रम में कहा, ‘मेरे करियर में मैने टीम के दो तीन खिलाड़ियों से लड़ाई भी की, जब वे क्षेत्रवाद पर बात करने लगे थे. कौन कराची से है, कौन पंजाब से या कौन पेशावर से, ऐसी बातें वे पूछा करते थे. मुझे समझ नहीं आता था कि अगर कोई खिलाड़ी हिंदू है और वह टीम के लिये अच्छा खेल रहा है तो इसमें क्या परेशानी है.’ शोएब अख्तर मुताबिक उनके कुछ साथी खिलाड़ियों को यह बात भी खराब लगती थी कि दानिश कनेरिया उनके साथ बैठकर खाना क्यों खा रहा है.

स्पिन गेंदबाज दानिश कनेरिया कई सालों तक पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहे. अपने मामा अनिल दलपत के बाद पाकिस्तान के लिये खेलने वाले वह दूसरे हिंदू खिलाड़ी थे. दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान के लिये 61 टेस्ट में 261 विकेट लिये. कनेरिया को 2009 में डरहम के खिलाफ एसेक्स के लिये खेलते हुए स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया था जिसके बाद उनके क्रिकेट करियर पर विराम लग गया.