रूस ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. उसने आवाज की गति से भी 20 गुना ज्यादा तेजी से चलने वाली पहली हाइपरसोनिक मिसाइल ‘एवानगार्ड’ को अपने लड़ाकू बेड़े में शामिल कर लिया है. इसके साथ ही रूस दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया है जिसने अपने लड़ाकू बेड़े में हाइपरसोनिक हथियारों से लैस अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल को शामिल किया है.

पीटीआई के मुताबिक शुक्रवार को मास्को में रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. बैठक के बाद एक सैन्य अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘27 दिसंबर को स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे एवानगार्ड हाइपरसोनिक ग्लाइड यान युक्त नई मिसाइलों को रक्षा बेड़े में शामिल किया गया. रक्षा मंत्री ने सेना को बधाई देते हुए इसे देश और सशस्त्र बलों के लिए ऐतिहासिक कदम बताया.’

मॉस्को के ‘हायर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ में एक वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता वासिली काशिन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘यह दुनिया में ‘हाइपरसोनिक ग्लाइड यान’ युक्त पहली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है. यह विज्ञान की बड़ी उपलब्धि है.’

पिछले दिनों इस मिसाइल को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन काफी उत्साहित दिखे थे. एक कार्यक्रम में उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया था कि ‘एवानगार्ड’ आवाज की गति से 20 गुना ज्यादा तेजी से चलने में सक्षम है.