उत्तर प्रदेश में कल जुमे की नमाज शांतिपूर्वक निपट जाने की खबर आज कई अखबारों के पहले पन्ने पर है. नागरिकता कानून को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर एहतियातन कल राज्य के 21 जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया गया था. कई संवेदशील जगहों पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी थी. बीते शुक्रवार को मेरठ सहित राज्य के कई इलाकों में नमाज के बाद हिंसा हुई थी. इसमें कम से कम 16 लोग मारे गए थे.

बुलंदशहर में नुकसान की भरपाई को मुस्लिम समुदाय ने छह लाख रु का डीडी सौंपा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नागरिकता कानून के विरोध की आड़ में की गई हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की दिशा में प्रशासन को पहली कामयाबी मिली है. दैनिक जागरण के मुताबिक यहां मुस्लिम समाज से जुड़े स्थानीय सभासद और प्रबुद्ध लोग सामने आए हैं और उन्होंने आगजनी के दौरान हुए नुकसान को लेकर छह लाख 27 हजार 507 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) जिलाधिकारी (डीएम) और एसएसपी को सौंपा है. बुलंदशहर में 20 दिसंबर को उन्मादी भीड़ ने एक थाने की जीप फूंक दी थी. आगजनी में पुलिस का वायरलेस सेट और गन भी लूट ली गई थी. इसके बाद नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए थे. नोटिस जारी होने की बात सुनकर स्थानीय मुस्लिम समाज के सभासदों ने नोटिस न भेजने की गुहार लगाते हुए आश्वासन दिया था कि वे खुद ही नुकसान की भरपाई करेंगे.

नागरिकता खत्म करने का प्रावधान ही नहीं है : अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यह बताने की चुनौती दी है कि नए नागरिकता कानून से किसी की नागरिकता कैसे छिनेगी. उन्होंने साफ किया कि इस कानून में नागरिकता खत्म करने का कोई प्रावधान ही नहीं है. हिंदुस्तान के मुताबिक अमित शाह ने यह बात शिमला में एक रैली के दौरान कही. उनका कहना था कि राहुल गांधी और विपक्ष के तमाम नेता लोगों को गुमराह कर रहे हैं. गृह मंत्री ने कहा कि जिन्हें कोई शक है उन्हें इस कानून को पढ़ना चाहिए जो सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

70 फीसदी माता-पिता का ऑनलाइन गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं

दुनियाभर के 70 फीसदी माता-पिता मानते हैं कि उन्हें इंटरनेट और मोबाइल की लत लग गई है. 72 फीसदी मानते हैं कि इससे उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है. दैनिक भास्कर के मुताबिक यह दावा साइबर सिक्योरिटी फर्म कैस्परस्की के एक अध्ययन में किया गया है. इसके मुताबिक 52 फीसदी माता-पिता को अपने बच्चों पर भरोसा है कि वे खुद ही मोबाइल के इस्तेमाल पर लगाम रख लेंगे. इस अध्ययन में 51 फीसदी लोगोंने माना कि बच्चे उनके काम में खलल न दें, इसलिए वे उनको मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति दे देते हैं.