‘मुझे डर है कि असम भाजपा की नीतियों के चलते कहीं हिंसा के रास्ते पर पर लौट न जाए.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

राहुल गांधी ने यह बात असम के गुवाहाटी में एक रैली में भाजपा पर हमला करते हुए कही. इस रैली का आयोजन नए नागरिकता कानून के विरोध में किया गया था. असम में बीते दिनों इस कानून के विरोध में भारी हिंसा हुई थी. राहुल गांधी ने आरएसएस पर भी हमला बोला और कहा कि असम को नागपुर नहीं चलाएगा.

‘सेना प्रमुख को अपना काम करना चाहिए, नेताओं को जो करना है, वे करेंगे.’

— पी चिदंबरम, पूर्व गृह मंत्री

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने यह बात सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत पर निशाना साधते हुए कही. जनरल बिपिन रावत ने नए नागरिकता कानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा था कि नेतृत्व वह नहीं होता जो लोगों को हिंसा के रास्ते पर ले जाए. पी चिदंबरम ने यह आरोप भी लगाया कि सेना प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सरकार का समर्थन करने को कहा गया. उन्होंने इसे शर्मनाक बताया.


‘बैंकों को सतर्कता से जुड़े लंबित मामलों को निपटाने के लिये कहा गया है.’  

— निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री

निर्मला सीतारमण ने यह बात सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ एक बैठक के बाद कही. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि एक जनवरी से भुगतान के कुछ चुनिंदा तरीकों में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लागू नहीं होगा. उनकी कहना था कि इससे डिजिटल लेन-देन बढ़ेगा.


‘मुझे इस तरह के स्वभाव वाले लोग पसंद नहीं हैं.’

— मैरी कॉम, मुक्केबाज

मैरी कॉम ने यह बात टोक्यो ओलंपिक क्वालिफायर्स के लिए आज हुए ट्रायल मुकाबले में अपनी प्रतिद्वंदी निखत जरीन से हाथ न मिलाने पर कही. 51 किलोग्राम भार वर्ग के इस चर्चित मुकाबले में उन्हें 9-1 से जीत मिली. मैरी कॉम ने इस साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था और उन्हें इसी आधार पर ओलिंपिक क्वॉलिफायर्स में भेजे जाने की चर्चा थी. लेकिन निखत जरीन ने नियमों का हवाला देकर मैरीकॉम से मुकाबले की बात कही. उन्होंने खेल मंत्री किरण रिजिजू को एक चिट्ठी लिखकर सवाल उठाया कि क्या मैरी कॉम इतनी बड़ी शख्सियत हैं कि उन्हें मुकाबले खेलने की जरूरत नहीं है. निखत पर तंज कसते हुए मैरी कॉम का यह भी कहना था कि बात रिंग के भीतर साबित करने की कोशिश करनी चाहिए, बाहर नहीं.