बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को रविवार को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें यह पुरस्कार दिया. अमिताभ बच्चन ने सम्मान पाने के बाद समर्थन के लिए सभी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने दादासाहेब फाल्के सम्मान मिलने के बाद कहा, ‘जब मुझे ये सम्मान मिला तो मुझे लगा कि क्या मेरा करियर खत्म हो चुका है...लेकिन अभी मुझे लगता है कि शायद कुछ काम और फिल्म इंडस्ट्री में करना बाकी है.’

अमिताभ बच्चन बॉलीवुड में पांच दशक से सक्रिय हैं. इस दौरान उन्होंने निरंतर काम किया है और अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया है. फिल्म जगत में उनके इसी योगदान के लिए उन्हें दादासाहेब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया गया है.

76 वर्षीय अमिताभ बच्चन ने 1970 के दशक में जंजीर, दीवार और शोले जैसी फिल्मों के माध्यम से युवा पीढ़ी के गुस्से को अभिव्यक्ति दी थी. इसके बाद उन्हें हिंदी सिनेमा का ‘एंग्री यंग मैन’ कहा जाने लगा था.

1970 के दशक से शुरू हुआ अमिताभ का स्टारडम भारतीय सिनेमा में अब तक जारी है. अपने पांच दशक के करियर में अमिताभ ने कई यादगार फिल्में दीं और उन्हें चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का करिश्मा बिखेरने वाले अमिताभ बच्चन ने छोटे पर्दे यानी टीवी पर भी खासी सफलता हासिल की है.

दादा साहेब फाल्के सम्मान कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है. अमिताभ बच्चन से पहले ये सम्मान विनोद खन्ना, मनोज कुमार, शशि कपूर, गुलजार और प्राण सहित कई नामी कलाकारों को दिया जा चुका है. साल 1969 में सबसे पहले यह सम्मान अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया था.