झारखंड में सत्ता गंवाने के बाद भाजपा पर बिहार में सहयोगियों का दबाव बढ़ता दिखता रहा है. जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा है कि बिहार में एनडीए की वरिष्ठ साझीदार होने के नाते उनकी पार्टी को अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा की तुलना में अधिक सीटों पर लड़ना चाहिए. दोनों पार्टियां इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में बराबर (17) सीटों पर उतरी थीं. पीटीआई के मुताबिक प्रशांत किशोर ने कहा, ‘मेरे हिसाब से लोकसभा चुनाव का फार्मूला विधानसभा चुनाव में दोहराया नहीं जा सकता.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जेडीयू अपेक्षाकृत बड़ी पार्टी है जिसके करीब 70 विधायक हैं जबकि भाजपा के पास करीब 50 विधायक हैं. इसके अलावा, विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा बनाकर लड़ा जाना है.’

प्रशांत किशोर हाल में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर भाजपा को लगातार निशाना बनाते आए हैं. हालांकि उनकी पार्टी ने संसद में सीएए के पक्ष में वोट दिया था जिस पर उन्होंने निराशा जाहिर की थी. बताया जाता है कि इस मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने पार्टी मुखिया नीतीश कुमार से मिलकर इस्तीफे की पेशकश भी की थी, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया. सीएए के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले गैरमुस्लिमों को आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है.