भारतीय नौसेना ने अपने कर्मियों के फेसबुक इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही नौसैन्य अड्डों और जंगी जहाजों पर स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है. नौसेना के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया है कि संवेदनशील जानकारियां लीक होकर दुश्मन के हाथ न लग जाएं.

यह आदेश भारतीय नौसेना की संवेदनशील जानकारियों में सेंध लगाने वाले एक पाकिस्तानी जासूसी रैकेट का भांडाफोड़ होने के बाद हुआ है. इसकी खबर 20 दिसंबर को आई थी. इसके मुताबिक इस मामले में देश के अलग-अलग हिस्सों से नौसेना के 11 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. इन्हें पकड़ने के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसियों और नौसेना की इंटेलिजेंस विंग के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन डॉल्फिंस नोज’ चलाया था. केंद्रीय जांच एजेंसी एनआइए ने इन सभी को विजयवाड़ा की अदालत में पेश किया था जहां इन्हें तीन जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

गिरफ्तार सातों नौसैनिक अफसर मुंबई, कारवाड़ (कर्नाटक) और विशाखापत्तनम में तैनात थे. इन्होंने भारतीय युद्धपोतों व पनडुब्बियों के मूवमेंट की जानकारियां पाकिस्तानी एजेंटों को दी हैं. बताया जा रहा है कि इससे सुरक्षा संबंधी अहम ठिकानों की खुफिया जानकारियां दुश्मनों के हाथ लग गई हैं.