मोदी सरकार ने सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का कद बढ़ा दिया है. रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया है. पीटीआई के मुताबिक सरकार के एक आदेश में कहा गया है कि सीडीएस के पद पर जनरल रावत की नियुक्ति मंगलवार 31 दिसंबर, 2019 से प्रभावी होगी.

सीडीएस के तौर पर जनरल बिपिन रावत देश के सर्वोच्च रक्षा अधिकारी होंगे. बतौर ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ वह तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बैठाने का काम करेंगे. तीनों सेनाओं के सेना प्रमुख उनके अधीन काम करेंगे और वे सीधे तौर पर रक्षा मंत्री को रिपोर्ट करेंगे. सीडीएस ही रक्षामंत्री का प्रधान सैन्य सलाहकार भी होगा. हालांकि, विशेष मामलों में तीनों सेनाओं के प्रमुख पहले की तरह ही रक्षामंत्री को सलाह देते रहेंगे.

पिछले मंगलवार को ही सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सेना में सीडीएस का पद बनाए जाने को मंजूरी दी थी. सीडीएस के रिटायर होने की उम्र 65 वर्ष निर्धारित की गयी है. इस लिहाज से जनरल विपिन रावत करीब तीन साल और दो महीने के लिए इस पद को संभालेंगे.

जनरल बिपिन रावत ने 31 दिसंबर, 2016 को सेना प्रमुख का पद संभाला था. इस पद से वह मंगलवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. सेना प्रमुख बनने से पहले वे पाकिस्तान से लगी नियंत्रण रेखा, चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा और पूर्वोत्तर में विभिन्न संचालनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके थे.