इंग्लैंड ने व्यस्त कार्यक्रम के भार को कम करने के लिए टेस्ट क्रिकेट को पांच की जगह चार दिन का करने की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की योजना का समर्थन किया है. आईसीसी 2023 से विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में होने वाले मुकाबलों को चार दिवसीय करने पर विचार कर रहा है.

ईसीबी के प्रवक्ता ने ‘डेली टेलीग्राफ’ से कहा, ‘इससे जटिल कार्यक्रम और खिलाड़ियों की व्यस्तताओं की जरूरतों को स्थायी समाधान मुहैया कराया जा सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘हम निश्चित तौर पर इस योजना के समर्थक है, लेकिन हम समझते है कि यह खिलाड़ियों, प्रशंसकों और हितधारकों के लिए टेस्ट क्रिकेट की विरासत को चुनौती देने के समान होगा.’

टेस्ट क्रिकेट का इतिहास लगभग 140 साल पुराना है, तब से यह पांच दिनों के प्रारूप में ही खेला जा रहा है. अगर 2015-2023 सत्र में चार दिवसीय टेस्ट मैच खेले जाते तो 335 दिनों का खेल कम होता. लेकिन अभी चार दिनी टेस्ट मैच पर पूरी तरह से सहमति बनती नजर नहीं आ रही है. बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने 2023 से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मैचों को चार दिवसीय टेस्ट के रूप में कराने योजना के बारे में कहा था कि इस पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. क्रिकेट आस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी केविन रोबर्ट्स ने कहा था कि चार दिवसीय टेस्ट पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. चार दिवसीय टेस्ट कोई नयी अवधारणा नहीं है. इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड और आयरलैंड ने चार दिवसीय टेस्ट खेला था. इससे पहले 2017 में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे ने भी ऐसा ही मैच खेला था.