भारत 2020 में चंद्रयान-3 को लॉन्च करेगा. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी है. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि इस अभियान पर चंद्रयान-2 से भी कम लागत आएगी. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का यह भी कहना था कि चंद्रयान-2 को निराशा करार देना गलत होगा. उन्होंने कहा, ‘यह चंद्रमा की सतह पर उतरने की भारत की पहली कोशिश थी और कोई देश पहली कोशिश में ऐसा नहीं कर सका, अमेरिका भी काफी कोशिशों के बाद यह कर पाया.’

जितेंद्र सिंह का कहना था कि भारत ने चंद्रयान-2 से काफी कुछ सीखा है. उन्होंने यह भी कहा कि चंद्रयान-2 से मिले अनुभव और उपलब्ध बुनियादी ढांचा चंद्रयान-3 की लागत को घटाएगा. हालांकि, उन्होंने तीसरे चंद्र अभियान के प्रक्षेपण का महीना बताने से इनकार कर दिया.

उधर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को कहा कि महत्वाकांक्षी ‘गगनयान’ मिशन के लिए अंतरिक्षयात्रियों को प्रशिक्षण देने की शुरुआत जनवरी के तीसरे सप्ताह से की जाएगी. यह प्रशिक्षण रूस में होगा. इसरो प्रमुख के सिवन ने बताया कि इस मिशन के लिए चार अंतरिक्षयात्रियों को चुन लिया गया है. उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 और गगनयान से जुड़ा कार्य साथ-साथ चल रहा है.

गगनयान अभियान के तहत 2022 तक तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजा जाना है. केंद्रीय कैबिनेट इसके लिए दस हजार करोड़ रु के बजट को मंजूरी दे चुकी है. गगनयान अभियान सफल होने पर इंसान को अंतरिक्ष भेजने वाला भारत चौथा देश बन जाएगा. इससे पहले रूस, अमेरिका और चीन यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं.