दो दिन में नौ और मौतों के साथ राजस्थान के कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में बीते एक महीने के दौरान मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है. उधर, इस मुद्दे पर विपक्षी भाजपा ने सत्ताधारी कांग्रेस पर निशाना साधा है. पार्टी ने कहा कि एक महीने में 100 बच्चों की मौत के बावजूद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कोई सवाल नहीं पूछे जा रहे हैं. भाजपा का यह भी कहना था कि कोटा इतनी भी दूर नहीं है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी वहां न जा सकें.

बसपा प्रमुख मायावती ने भी इस मामले में अशोक गहलोत सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है. एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और खासकर महिला महासचिव की इस मामले में चुप्पी साधे रखना और भी ज्यादा दुखद है. मायावती का कहना था, ‘अच्छा होता कि वह यूपी की तरह उन ग़रीब पीड़ित मांओं से भी जाकर मिलतीं, जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही आदि के कारण उजड़ गई है.’ उन्होंने यह भी कहा, ‘अगर कांग्रेस महासचिव कोटा जाकर मृतक बच्चों की मांओं से नहीं मिलती तो यूपी के पीड़ित परिवारों से मिलना उनका राजनीतिक स्वार्थ और कोरी नाटकबाज़ी ही माना जाएगा.’

उधर, राजस्थान सरकार ने इन मौतों पर सफाई दी है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि कई बच्चों को काफी गंभीर स्थिति में लाया गया था. उनका यह भी कहना था कि सरकार को इन मौतों का दुख है.

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे से इस मामले में ताजा स्थिति और अशोक गहलोत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी ली. सूत्रों के मुताबिक बच्चों की मौत को लेकर दुख जाहिर करते हुए सोनिया गांधी ने राज्य सरकार को यह संदेश दिया है कि इस मामले में और ठोस कदम उठाए जाएं. कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात के बाद अविनाश पांडे ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष के पास एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है.