केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को ‘ज्यादातर राजनीतिक’ करार दिया है. एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी भारतीय इस नए कानून के चलते अपनी नागरिकता नहीं गंवाएगा. अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सीएए में एक भी ऐसा प्रावधान दिखाने की चुनौती दी जिसके तहत किसी की भारतीय नागरिकता जा रही हो. उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से सहमत हूं कि ज्यादातर राजनीतिक प्रदर्शन हैं. कुछ लोग गुमराह हैं लेकिन हम उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं.’

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीएए के तहत सरकार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना चाहती है. उनका कहना था, ‘मैं पूरी दृढ़ता से कहता हूं कि ये शरणार्थी भाई, जो भारत आये हैं, हमारे हैं और उन्हें भारत में सम्मानित स्थान प्रदान करना भारत सरकार की जिम्मेदारी है.’

अमित शाह ने बताया कि जनगणना 2021 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआ) का राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘जनगणना और एनपीआर देश में हर दस साल पर होते हैं और इस बार भी यह दस साल के बाद हो रहा है. कांग्रेस ने यह बार-बार किया और आज वह उसका विरोध कर रही है.’ बिहार विधानसभा चुनाव के संबंध में एक सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा, ‘बिहार में हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. इसमें कोई भ्रम नहीं है.’