अमेरिका द्वारा ईरान के एक शीर्ष कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराए जाने की खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. जनरल सुलेमानी को पश्चिम एशिया में ईरान की रणनीतियों के पीछे का दिमाग माना जाता था. ईरान ने कहा है कि अमेरिका को इसका जवाब मिलेगा. इसके अलावा गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को नए नागरिकता कानून पर अपने साथ बहस की चुनौती दी है. यह खबर भी आज कई अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है.

आयुष्मान भारत योजना में भी घोटालेबाजों की सेंध

तमाम हाईटेक निगरानी के बावजूद एनडीए सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत में भी घोटालेबाजों ने सेंध लगा दी है. दैनिक जागरण के मुताबिक आयुष्मान योजना को लागू और इसकी निगरानी करने वाले नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) के डिप्टी सीइओ प्रवीण गेडाम ने यह जानकारी दी है. दरअसल आयुष्मान भारत में नई तरह का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है. इसमें गुजरात में एक ही परिवार के नाम पर 1,700 लोगों का कार्ड बनाए जाने, छत्तीसगढ़ में एक ही परिवार के नाम पर 109 कार्ड बनाने और उनमें से 57 की आंख की सर्जरी कराने जैसे मामले शामिल हैं. 171 अस्पतालों ने फर्जी बिल भेज कर भुगतान भी करा लिया. बताया जाता है कि अब तक दो लाख से अधिक फर्जी कार्ड के मामले सामने आ चुके हैं. घोटालेबाजों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है. वहीं देश के निजी अस्पतालों के संगठन एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इंडिया (एएचपीआइ) का कहना है कि योजना को लागू करने में आधारभूत कमियां इसके लिए जिम्मेदार हैं.

सीएए के बाद अगला कदम रोहिंग्याओं का निष्कासन : जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि नए नागरिकता कानून यानी सीएए के बाद सरकार का अगला कदम रोहिंग्या शरणार्थियों के निर्वासन के बारे में होगा. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार जम्मू में एक आयोजन में उनका कहना था, ‘रोहिंग्या लोगों की यहां बड़ी आबादी है. इनके निर्वासन की क्या योजना है, सरकार इसको लेकर चिंतित है.’ जितेंद्र सिंह का आगे कहना था, ‘सूची बनाई जाएगी और जरूरत होगी तो बायोमेट्रिक सर्टिफ़िकेट्स भी लिए जाएंगे क्योंकि सीएए रोहिंग्याओं को कोई लाभ नहीं देगा. ये उन तीन देशों से और छह अल्पसंख्यक समुदायों से नहीं आते हैं जिन्हें कानून में आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है.’

70 हजार करोड़ के विमान सौदे को लेकर पी चिदंबरम से छह घंटे तक पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एयर इंडिया के लिए 111 विमानों की खरीद के सौदे से जुड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से छह घंटे तक पूछताछ की. हिंदुस्तान के मुताबिक यह पूछताछ कल हुई. यूपीए सरकार के दौरान हुआ यह सौदा 70 हजार करोड़ रुपये का था. ईडी इस मामले में मनी लॉन्डरिंग की जांच कर रहा है. चिदंबरम पिछले साल चार दिसंबर को तिहाड़ जेल से 106 दिनों के बाद रिहा हुए थे. तत्कालीन वित्त मंत्री मंत्रियों के उस समूह के प्रमुख थे जिसने वर्ष 2009 में विमानों की खरीद का फैसला लिया था. मूल प्रस्ताव एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के लिए 28 विमान खरीदने का था. लेकिन सरकार ने एयरबस के 68 विमान एयर इंडिया के लिए और 43 विमान इंडियन एयरलाइंस के लिए खरीदने का फैसला लिया था. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने अपनी नोटिंग में लिखा था कि जब एयरलाइंस गंभीर संकट में थी तो यह फैसला बर्बादी की ओर बढ़ने वाला था.