इरफान पठान ने शनिवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की. उन्होंने आखिरी बार 2012 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था.

इरफान पठान ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ के कार्यक्रम में कहा, ‘आज मैं क्रिकेट को अलविदा कह रहा हूं, जिसके बारे में मैं रात दिन सोचा करता हूं. मैंने आखिरी बार 2012 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और इसके बाद मैंने काफी कोशिश की. मैं अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे कभी अकेला नहीं छोड़ा. यह नयी यात्रा शुरू करने का समय है.’ 35 वर्षीय इरफान पठान का संन्यास लेना तय माना जा रहा था क्योंकि उन्होंने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच फरवरी 2019 में जम्मू कश्मीर की तरफ से सैयद मुश्ताक अली ट्राफी में खेला था. फिलहाल, वह जम्मू कश्मीर की टीम के साथ गैर खिलाड़ी मेंटोर के रूप में जुड़े रहेंगे. उन्होंने खुद को पिछले महीने खुद को आईपीएल के नीलामी पूल में भी नहीं रखा था.

बायें हाथ के तेज गेंदबाज इरफान ने 2003 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ ओवल में भारत की तरफ से पदार्पण किया था. वह तब 19 साल के थे. इरफान बहुत तेज गेंदबाजी नहीं करते थे लेकिन दायें हाथ के बल्लेबाजों के लिये स्विंग कराने की नैसर्गिक क्षमता के कारण उन्हें जल्द ही सफलता मिलने लगी और उनकी कपिल देव से भी तुलना की जाने लगी. भारत की तरफ से आखिरी मैच अक्टूबर 2012 में खेलने वाले इरफान ने 29 टेस्ट मैचों में 1105 रन बनाये और 100 विकेट लिये. उन्होंने 120 वनडे में 1544 रन बनाने के अलावा 173 विकेट हासिल किये और 24 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 172 रन बनाये और 28 विकेट लिये. इरफान के बड़े भाई यूसुफ भी भारत की तरफ से खेल चुके हैं.