पाकिस्तान से भारत आए हिंदू शरणार्थी जल्द ही यहां बैंक अकाउंट खुलवाने के साथ-साथ प्रॉपर्टी भी खरीद सकेंगे.
बीते साल लोकसभा चुनाव से पहले एक रैली में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत की उन हिंदुओं के प्रति एक जिम्मेदारी है जिन्हें दूसरे देशों में सताया जा रहा है. मोदी का कहना था कि ऐसे लोगों का आसरा सिर्फ भारत ही है और यदि वे सत्ता में आए तो भारत में रह रहे शरणार्थियों को बराबरी के अधिकार दिए जाएंगे. मोदी सरकार बनने के बाद बीते साल गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि सरकार भारत में रह रहे पाकिस्तानी हिंदुओं के उचित पुनर्वास के लिए एक कार्ययोजना बनाएगी.
अब लगता है कि मोदी सरकार इस दिशा में चलते हुए एक अहम पड़ाव तक पहुंच गई है. खबरों की मानें तो पाकिस्तान से यहां आए हिंदू शरणार्थियों को जल्द ही बैंक खाते खुलवाने या घर खरीदने जैसी सुविधा हासिल होगी. हिंदू शरणार्थी अपने वीजा या फिर फॉरेनर रजिस्ट्रेशन ऑफिस द्वारा उन्हें जारी किए जाने वाले रेजीडेंशियल परमिट के आधार पर ये सुविधाएं पा सकेंगे. माना जा रहा है कि यह कदम भारतीय नागरिकता के बिना भी इन लोगों को भारत की मुख्यधारा में जगह दिलाने की दिशा में बहुत अहम साबित होगा.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस समय पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए करीब दो लाख हिंदू और सिख शरणार्थी भारत में अलग-अलग जगहों पर रह रहे हैं.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस समय पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए करीब दो लाख हिंदू और सिख शरणार्थी भारत में अलग-अलग जगहों पर रह रहे हैं. मोदी सरकार ऐसे शरणार्थियों को नागरिकता देने के मुद्दे पर पहले से ही काफी सक्रिय है. खबरों के मुताबिक बीते एक साल में ही केंद्र सरकार करीब चार हजार ऐसे लोगों को भारत की नागरिकता दे चुकी है. यह आंकड़ा यूपीए-2 के पांच सालों के मुकाबले चार गुना ज्यादा है. बीते एक साल में केंद्र सरकार मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में रह रहे करीब 34 हजार शरणार्थियों को लंबी अवधि का वीजा भी प्रदान कर चुकी है.
पाकिस्तान या दूसरे देशों से आ रहे हिंदुओं को बैंक अकांउट या संपत्ति खरीदने की सुविधा देने वाली नीति बनने के बाद उस पर रिजर्व बैंक की मुहर लगेगी. इस नीति के तहत वे सभी पाकिस्तानी नागरिक आएंगे जिन्हें भारत में लंबी अवधि के लिए वीजा मिला हुआ है. खबरों के मुताबिक सरकार मानती है कि पाकिस्तान के इन हिंदू नागरिकों को सताया गया है और इसलिए इन्हें ये सुविधाएं मिलनी चाहिए.
खबरों के मुताबिक सरकार पाकिस्तान से आ रहे हिंदू शरणार्थियों को नॉन रेजीडेंट ऑर्डिनरी रूपी अकाउंट (एनआरओ) नाम का विशेष खाता खोलने की इजाजत भी दे सकती है. इसके लिए उन्हें रिजर्व बैंक की अनुमति लेने की प्रक्रिया से छूट दी जाएगी. फिलहाल जो नियम हैं उनके मुताबिक भारत से बाहर रह रहा कोई भी व्यक्ति किसी बैंक में एनआरओ अकाउंट खोल सकता है, लेकिन पाकिस्तान, बांग्लादेश से ताल्लुक रखने वाले लोगों या कंपनियों के मामले में इसके लिए रिजर्व बैंक की मंजूरी जरूरी है.
इसके अलावा मोदी सरकार यह भी सोच रही है कि पाकिस्तान से आने वाले हिंदू शरणार्थियों को किसी अतिरिक्त जांच से भी छूट दे दी जाए. इस मामले में गृह मंत्रालय की भी राय ली जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी हिंदुओं के खातों के बारे में बैंकों को हर तीन महीने में मंत्रालय को एक रिपोर्ट भेजनी होगी.