महानायक अमिताभ बच्चन दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजे गए | रविवार, 29 दिसंबर 2019

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को रविवार को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें यह पुरस्कार दिया. अमिताभ बच्चन ने सम्मान पाने के बाद समर्थन के लिए सभी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने दादासाहेब फाल्के सम्मान मिलने के बाद कहा, ‘जब मुझे ये सम्मान मिला तो मुझे लगा कि क्या मेरा करियर खत्म हो चुका है...लेकिन अभी मुझे लगता है कि शायद कुछ काम और फिल्म इंडस्ट्री में करना बाकी है.’

बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू को भाजपा से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहिए : प्रशांत किशोर | सोमवार, 30 दिसंबर 2019

झारखंड में सत्ता गंवाने के बाद भाजपा पर बिहार में सहयोगियों का दबाव बढ़ता दिख रहा है. जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में एनडीए की वरिष्ठ साझीदार होने के नाते उनकी पार्टी को अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा की तुलना में अधिक सीटों पर लड़ना चाहिए. दोनों पार्टियां इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में बराबर (17) सीटों पर उतरी थीं. पीटीआई के मुताबिक प्रशांत किशोर ने कहा, ‘मेरे हिसाब से लोकसभा चुनाव का फार्मूला विधानसभा चुनाव में दोहराया नहीं जा सकता.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जेडीयू अपेक्षाकृत बड़ी पार्टी है जिसके करीब 70 विधायक हैं जबकि भाजपा के पास करीब 50 विधायक हैं. इसके अलावा, विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा बनाकर लड़ा जाना है.’

जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने नये सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला | मंगलवार, 31 दिसंबर 2019

मनोज मुकुंद नरवाने देश के नए सेना प्रमुख बन गए. उन्होंने जनरल बिपिन रावत की जगह ली जो देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने हैं. 28वें सेना प्रमुख बनने वाले जनरल मुकुंद नरवाने इससे पहले सेना उप प्रमुख थे. वे सेना की पूर्वी कमान की जिम्मेदारी संभाल रहे थे जो चीन के साथ लगती करीब 4,000 किमी लंबी सीमा की रक्षा करती है.

अपने 37 साल के सेवाकाल में जनरल मुकुंद नरवाने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में कई अहम पदों पर रहे. इस दौरान उन्होंने इन इलाकों में कई अहम अभियानों का नेतृत्व किया. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के छात्र रहे मुकुंद नरवाने श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षक बल का भी हिस्सा रहे. उन्हें सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा जा चुका है.

बिना सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 19 रुपये महंगा हुआ | बुधवार, 01 जनवरी 2020

बिना सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर 19 रुपये महंगा हो गया. विमान ईंधन (एटीएफ) के दाम में भी 2.6 प्रतिशत की वृद्धि की गई. पीटीआई के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई. बढ़ोतरी की वजह अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी बताई गई. बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर का दाम 695 रुपये से बढ़ाकर 714 रुपये कर दिया गया. यह लगातार पांचवां महीना है जब रसोई गैस के दाम में वृद्धि की गई है. पिछले पांच महीनों में बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस के दाम 139.50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़े हैं.

राजस्थान : 104 बच्चों की मौत वाले अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री के पहुंचने पर कालीन बिछाया गया | गुरूवार, 02 जनवरी 2020

कोटा के एक अस्पताल में 100 से भी ज्यादा बच्चों की मौत को लेकर राजस्थान सरकार की लगातार फजीहत हो रही है. गुरुवार को उसे तब फिर आलोचना का सामना करना पड़ा जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा अस्पताल का दौरा करने आए और उनके स्वागत में कालीन बिछाया गया. हालांकि बाद में इसे हटा लिया गया. उधर, दो और मौतों के साथ अस्पताल में बीते करीब एक महीने के दौरान हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा 104 तक पहुंच चुका है. आरोप है कि ये मौतें चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और लापरवाही के कारण हो रही हैं. लेकिन सरकार इसे नकार रही है.

इन मौतों को लेकर राजस्थान में सत्ताधारी कांग्रेस पर दूसरी पार्टियों ने हमला बोला है. कल बसपा प्रमुख मायावती ने एक ट्वीट कर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की तरह राजस्थान की पीड़ित मांओं से भी मिलतीं जिनकी गोद कांग्रेस सरकार की लापरवाही के चलते उजड़ गई है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े किए.

सीएए के जरिए भारत ने खुद को ‘अलग-थलग’ कर लिया है : पूर्व विदेश सचिव | शुक्रवार, 03 जनवरी 2020

पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने नागरिकता संशोधन कानून के लिए शुक्रवार को सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इस कदम से भारत ने खुद को ‘अलग-थलग’ कर लिया है और देश एवं विदेश में इसके विरुद्ध आवाज उठाने वालों की सूची ‘काफी लंबी’ है.

पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने एक कार्यक्रम में कहा कि कानून पारित होने के बाद भारत को लेकर नजरिया बदला है. इस कार्यक्रम में कई विद्वानों ने विवादित कानून के लागू होने के बाद इसके प्रतिकूल असर पर चर्चा की है. मेनन ने कहा, ‘इस कदम से भारत ने खुद को अलग-थलग कर लिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी इसके आलोचकों की सूची लंबी है. पिछले कुछ महीने में भारत के प्रति नजरिया बदला है. यहां तक कि हमारे मित्र भी हैरान हैं.’

साइरस मिस्त्री में नेतृत्व क्षमता नहीं थी, उन्होंने टाटा ब्रांड की छवि भी खराब की : रतन टाटा | शनिवार, 04 जनवरी 2020

टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री को बहाल करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. यह फैसला बीते महीने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने दिया था. समूह की धारक यानी होल्डिंग कंपनी टाटा संस पहले ही इस फैसले को अदालत में चुनौती दे चुकी है. साइरस मिस्त्री को 2016 में अचानक टाटा समूह के मुखिया के पद से हटा दिया गया था.

रतन टाटा 110 अरब डॉलर के टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के मानद चेयरमैन हैं. टाटा संस में टाटा के अलग-अलग ट्रस्टों की 65.89 प्रतिशत हिस्सेदारी है. रतन टाटा लंबे समय तक इन ट्रस्टों के भी चेयरमैन रहे हैं. अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि साइरस मिस्त्री ने अपने समय में निदेशक मंडल के सदस्यों की शक्तियां अपने हाथों में ले ली थीं. रतन टाटा ने उन पर ‘टाटा ब्रांड’ की छवि खराब करने का भी आरोप लगाया है. उनके मुताबिक साइरस मिस्त्री के ‘नेतृत्व में कमी थी’ क्योंकि टाटा संस का चेयरमैन बन जाने के बाद भी वे खुद को अपने परिवार के कारोबार से दूर नहीं करना चाहते थे, जबकि उनके चयन के साथ यह शर्त लगी हुई थी.

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