फरलो पर जेल से बाहर आने के बाद से ही हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता दुष्यंत चौटाला पर हमलावर हैं. सोमवार को हरियाणा के भिवानी में इनेलो के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने दुष्यंत चौटाला पर एक बार फिर निशाना साधा.

ओम प्रकाश चौटाला ने दावा किया कि जजपा के कई विधायक पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और इस वजह से सूबे में चल रही जजपा-भाजपा की गठबंधन सरकार कभी भी गिर सकती है. उन्होंने अपनी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के कार्यकर्ताओं से मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा. इनेलो प्रमुख चौटाला ने पार्टी छोड़ चुके कार्यकर्ताओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि जो कार्यकर्ता दूसरे दलों में चले गए हैं, वे पार्टी में वापस आ जाएं और उसे मजबूती दें.

इस दौरान चौटाला ने यह भी दोहराया कि दुष्यंत चौटाला अगर इनेलो में ही रहते तो आज सूबे में इनेलो की सरकार होती और वह उपमुख्यमंत्री नहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री होते.

भिवानी में इस जिलास्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला का आगे कहना था, ‘हरियाणा में तीन ही पार्टियां हैं. भाजपा व कांग्रेस से तो प्रदेशवासियों का विश्वास उठ चुका है और अब इनेलो ही एकमात्र विकल्प बचा है..आगामी मध्यावधि चुनावों में इनेलो की सरकार बनेगी.’

इस दौरान इनेलो प्रमुख ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस ने षडयंत्र के तहत उन्हें जेल भिजवाया था, जबकि जिन 3200 युवाओं को उन्होंने नौकरी दी थी, उन्हें आज प्रमोशन तक मिल चुका है. ओम प्रकाश चौटाला के मुताबिक उनकी सजा की अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन राजनीतिक कारणों के चलते उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है.