महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के ‘चार दिवसीय टेस्ट’ के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया है. उन्होंने आईसीसी से अपील की है कि वह टेस्ट क्रिकेट के पांच दिनी प्रारूप में ‘छेड़छाड़’ से बचे.

सचिन तेंदुलकर ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट का प्रशंसक होने के नाते मुझे नहीं लगता कि इससे छेड़छाड़ की जानी चाहिए. इस प्रारूप को उसी तरह खेला जाना चाहिए जिस तरह यह वर्षों से खेला जाता रहा है.’ दो सौ टेस्ट खेलने वाले दुनिया के एकमात्र क्रिकेटर तेंदुलकर ने चार दिनी टेस्ट मैच के प्रस्ताव पर कहा, ‘ इससे बल्लेबाज यह सोचना शुरू कर देंगे कि यह सीमित ओवरों के क्रिकेट का लंबा प्रारूप है क्योंकि अगर आप दूसरे दिन लंच तक बल्लेबाजी कर लोगे तो आपके पास सिर्फ ढाई दिन बचेंगे. इससे खेल को लेकर सोच बदल जाएगी.’ उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट को चार दिन का कर देने पर इसमें स्पिनर्स की भूमिका सीमित हो जाएगी. सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘स्पिनर को पांचवें दिन गेंदबाजी का मौका नहीं देना वैसे ही है जैसे तेज गेंदबाज को पहले दिन गेंदबाजी का मौका नहीं मिले.’ उन्होंने कहा, ‘पांचवें दिन अंतिम सत्र में कोई भी स्पिनर गेंदबाजी करना पसंद करेगा. गेंद पहले दिन या पहले सत्र से टर्न नहीं लेती. विकेट को टूटने में समय लगता है. पांचवें दिन टर्न, उछाल और सतह की असमानता दिखती है. पहले दो दिन ऐसा नहीं होता.’

तेंदुलकर ने कहा कि इस तरह की बातें खेल के व्यावसायिक पहलू और दर्शकों की रुचि से जुड़ी हैं, लेकिन वह चाहते हैं कि एक ऐसा प्रारूप रहे जहां बल्लेबाजों की वास्तविक परीक्षा हो. दिग्गज बल्लेबाज ने कहा, ‘खेल को दर्शकों के अनुकूल होना महत्वपूर्ण है. लेकिन इसके लिए हम टेस्ट से एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और फिर टी20 तक पहुंच गए और अब तो टी10 भी हो रहे हैं. इसलिए परंपरावादियों के लिए भी कुछ होना चाहिए और यह टेस्ट क्रिकेट है.’ आईसीसी चाहता है कि 143 साल पुराने पांच दिवसीय प्रारूप को चार दिन का कर दिया जाए. विराट कोहली, रिकी पोंटिंग, जस्टिन लैंगर और नाथन लियोन जैसे स्टार खिलाड़ियों ने भी इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है.