1-ईरान ने इराक स्थित उन सैन्य अड्डों पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं जहां अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी बल ठहरे हुए हैं. पीटीआई के मुताबिक ऐसे कम से कम दो अड्डों को निशाना बनाया गया है. बीते हफ्ते बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है.

2-सुलेमानी पर हमले का आदेश शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था. उन्होंने इस हमले की पुष्टि की है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और फिलहाल सब ठीक है.



3-ईरान के विदेश मंत्री जव्वाद जरीफ ने कहा है कि उनके देश ने यह हमला आत्मरक्षा के तौर पर किया है. उनके मुताबिक ईरान ने यूएन चार्टर के आर्टिकल-51 के तहत आत्मरक्षा में ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया है जहां से कायराना तरीके से उनके नागरिकों और शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ हमले किए गए. जव्वाद जरीफ का कहना था ‘हम लड़ाई बढ़ाना नहीं चाहते, पर किसी भी हमले से अपनी रक्षा जरूर करेंगे.’

इससे पहले, कल ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के मुखिया हुसैन सलामी ने अमेरिका के समर्थन वाली जगहों स्थानों को आग के हवाले करने की धमकी दी थी. सलामी ने जनरल सुलेमानी के गृहनगर कर्मन के एक चौराहे पर जमा हुए हजारों लोगों के सामने यह बात कही थी.

4-अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इसकी पुष्टि की है कि इराक के इरबिल और अल-असद शहर में स्थित दो ठिकानों पर हमले हुए हैं. पहले अल-असद में हमले हुए और फिर इरबिल पर मिसाइलें दागी गईं. हालांकि पेंटागन ने अभी तक जान-माल के नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. संस्था के प्रवक्ता जोनाथन हॉफमैन ने कहा कि अभी नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

5-ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना पर जारी किए गए एक बयान में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने कहा है, ‘हम अमेरिका के उन सारे साथियों को चेतावनी देना चाहते हैं जिन्होंने उसकी आतंकी सेना को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दिया है. ऐसी किसी भी जगह को निशाना बनाया जाएगा जहां से ईरान के खिलाफ कार्रवाई होती है. ईरानी संसद ने कल एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें पेंटागन को आतंकी समूह और हर अमेरिकी सैनिक को आतंकी घोषित किया गया है.