इराक में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान के मिसाइल दागने के बाद दुनिया के कई देशों की विमानन कंपनियों ने अपने रूट बदले हैं. मलेशिया, एशियन एयरलाइंस और सिंगापुर एयरलाइंस ने अपने विमानों का रूट बदला है. भारत सरकार ने भी देश की विमानन कंपनियों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे ईरान, खाड़ी देशों और इराक के एयरस्पेस का इस्तेमाल न करें.

उधर, अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) ने कहा है कि उसने अमेरिका में पंजीकृत विमानों के इराक, ईरान और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह कदम भी इराक में अमेरिकी बलों पर रॉकेट हमलों के बाद उठाया गया. एफएए ने एक बयान में कहा, ‘नोटिस जारी कर अमेरिकी असैन्य उड़ानों संबंधी प्रतिबंधों के बारे में सूचित किया गया है. इसमें इराक, ईरान के हवाई क्षेत्र और अरब -मान की खाड़ी के जल क्षेत्र से विमान संचालन प्रतिबंधित कर दिया गया है.’ बयान में आगे कहा गया, ‘एफएए पश्चिम एशिया में घटनाओं पर करीबी नजर बनाए रखेगा.’

ईरान ने इराक स्थित ऐसे कम से कम दो सैन्य अड्डों पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल दागी हैं जहां अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी बल ठहरे हुए हैं. उसने इसे जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला बताया है. जनरल सुलेमानी की बीते हफ्ते एक अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी.

उधर, ईरान की राजधानी तेहरान में एक बड़े विमान हादसे की खबर है. बताया जा रहा है कि 180 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लेकर जा रहा यूक्रेन का एक विमान क्रैश हो गया है. इस हादसे में किसी के बच पाने की संभावना बहुत कम है. रॉयटर्स के मुताबिक यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस का ये बोइंग 737 विमान ईरान के इमाम खमेनेई हवाई अड्डे से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसकी वजह तकनीकी समस्या बताई जा रही है.