महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू एवं महात्मा गांधी ने भारत की संविधान सभा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को आरक्षण देने का विरोध किया था. भाजपा विधायक प्रवीण दारेकर के इस कथन के बाद विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ.

विधान परिषद में भाजपा के सदस्य प्रवीण दारेकर ने दावा किया, ‘संविधान सभा की बैठक के दौरान बाबासाहेब आंबेडकर ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों को दलितों के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन नेहरू और गांधी ने इसका विरोध किया था.’ दारेकर के बयान के बाद विधानमंडल के उच्च सदन में हंगामा शुरू हो गया. विधान पार्षद कपिल पाटिल तथा कांग्रेस के शरद रनपीजे ने इस पर विरोध जताया. कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि दारेकर ने वही बात दुहरायी है, जिसे विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा था. उन्होंने कहा कि दारेकर ने तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की है और उन्हें अपने शब्द वापस लेने चाहिए. लेकिन प्रवीण दारेकर अपने बयान पर अड़े रहे. इस मसले पर हंगामा बढ़ता देख विधान परिषद के सभापति रामराजे निम्बालकर ने सदन को स्थगित कर दिया.