ईरान से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार रात को राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं तब तक ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा. डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक ईरान परमाणु बम बनाकर आतंकवादियों की मदद कर सकता है, इसलिए उस पर तब तक पाबंदी जारी रहेंगी जब तक वह परमाणु हथियार बनाने की महत्वाकांक्षा और आतंकवाद का समर्थन करना नहीं छोड़ता.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी मिसाइल हमले में हुए नुकसान की जानकारी भी दी. उन्होंने कहा, ‘ईरान के हमले में हमें कोई नुकसान नहीं हुआ. सिर्फ दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं. किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई है. मैं अमेरिकी सेना की हिम्मत को सलाम करता हूं.’

डोनाल्ड ट्रंप ने बीते हफ्ते बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को आतंकवादी करार दिया. उनका कहना था, ‘हमने कुछ दिन पहले ही एक ऐसे आतंकवादी को मार गिराया है जो अमेरिका और उसके नागरिकों को धमकियां दे रहा था. सुलेमानी कई आतंकी संगठनों को अपना समर्थन देता था. उसकी वजह से हजारों की संख्या में यूरोपीय सेना के जवानों की मौत हुई. सुलेमानी हाल के दिनों में भी अमेरिकी सैनिकों पर हमले की योजना बना रहा था, हमने उसे रोका है. हमने सुलेमानी को मारकर यह संदेश दिया है कि अमेरिका अपने नागरिकों और सैनिकों की रखवाली के लिए किसी भी हद तक जाएगा.’

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने आगे कहा, ‘हम विश्व में तेल और गैस के सबसे बड़े उत्‍पादक हैं. हम तेल के लिए ईरान या उसके आसपास के देशों पर निर्भर नहीं हैं. हम पहले की तुलना में मध्यपूर्व में मजबूत हुए हैं. हमने तीन महीने पहले वहां आईएस के सरगना अबू बकर-अल बगदादी का खात्मा किया.’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने संबोधन के दौरान परोक्ष रूप से ईरान की ओर वार्ता का प्रस्ताव भी देते दिखे. उन्होंने ईरानी नेतृत्व और वहां के लोगों से कहा, ‘आईएस ईरान का सबसे बड़ा दुश्मन था, लेकिन हमने उसे खत्म किया. आईएस का खात्मा ईरान के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद रहा. अमेरिका हमेशा शांति का पक्षधर रहा है. हम आपके लिए अच्छा भविष्य चाहते हैं. अमेरिका शांति चाहता है...हम ईरान के साथ ऐसा समझौता करना चाहते हैं जिससे दुनिया को शांति की ओर बढ़ाया जा सके.’

इससे पहले मंगलवार देर रात ईरान ने इराक स्थित अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर एक दर्जन मिसाइलों से हमला किया था. ईरान के मुताबिक उसके हमले में 80 अमेरिकी सैनिक मारे गए. इससे पहले बीते 27 दिसंबर को बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी. सुलेमानी पर हमले का आदेश डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था.