दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की जनसंपर्क रैली के दौरान अपनी बालकनी से संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध करने वाली दो महिलाओं का कहना है कि उनसे घर खाली करा लिया गया है. यह घटना बीते रविवार को हुई थी. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दिल्ली के लाजपत नगर में सीएए के समर्थन में घर-घर जाकर संपर्क कर रहे थे. इसी दौरान सूर्या रजप्पन और उनकी मित्र ने अपने अपार्टमेंट की बालकनी से एक बैनर लटकाकर लोगों का ध्यान खींचा. बैनर पर बीच में बड़े अक्षरों में शेम (शर्म) और दोनों तरफ सीएए और एनआरसी लिखा हुआ था. इसके अलावा उसपर जय हिंद, आजादी और ‘नॉट इन माई नेम’ भी लिखा था.

पीटीआई के मुताबिक पेशे से वकील और 27 वर्षीय सूर्या रजप्पन ने कहा कि उन्होंने ऐसा सीएए और एनआरसी को लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के लिए किया. उनका कहना था, ‘हम यह भी दिखाना चाहते थे कि सभी लोग सीएए और एनआरसी के समर्थन में नहीं हैं.’ दिल्ली में पली-बढ़ी और और लाजपत नगर में रह रहीं सूर्या ने आरोप लगाया कि इस विरोध को देखकर रैली में शामिल लोग गुस्सा हो गए और उन्हें अपशब्द कहे गए. उनके मुताबिक उनके अपार्टमेंट के नीचे सड़क पर जमा भीड़ ने बालकनी से लटकाए गए विरोध बैनर को फाड़ दिया. सूर्या ने यह भी दावा किया कि इनमें से कुछ लोग ऊपर आकर दरवाजा भी पीटने लगे थे. उनका कहना था कि बाद में पुलिस के दखल से मामला शांत हुआ. उन्होंने कहा, ‘इस बीच, हमारे मकान मालिक ने बताया कि हमें मकान से निकाल दिया गया है.’ सूर्या ने यह भी बताया कि पुलिस ने अनियंत्रित भीड़ के ‘आपराधिक व्यवहार’ के खिलाफ उनकी शिकायत दर्ज कर ली है.