भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जस्टर सहित 16 देशों के राजनयिकों का दो दिन का जम्मू-कश्मीर दौरा आज से शुरू हो रहा है. अमेरिका के अलावा इनमें बांग्लादेश, वियतनाम, नार्वे, मालदीव, दक्षिण कोरिया, मोरक्को, नाइजीरिया आदि देशों के राजदूत शामिल हैं. पीटीआई के मुताबिक बीते साल जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किये जाने के बाद राजनयिकों का यह पहला दौरा होगा. दिल्ली से ये राजनयिक हवाई मार्ग से पहले श्रीनगर जाएंगे और फिर वहां से जम्मू. वे वहां पर उप राज्यपाल जीसी मर्मू के साथ ही नागरिक समाज के लोगों से भी मुलाकात करेंगे.

उधर, यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिनिधियों ने किसी अन्य तिथि पर केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करने की बात कही है. यह भी बताया जा रहा है कि कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती से मुलाकात करने की इच्छा जताई है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ईयू के इन प्रतिनिधियों ने यह भी कहा है कि वे गाइडेड टूर नहीं करना चाहते.

आज ये राजनयिक पहले श्रीनगर में नागरिक समाज के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और उन्हें विभिन्न एजेंसियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी. इसके बाद उन्हें जम्मू ले जाया जाएगा जहां वे उप राज्यपाल जी सी मुर्मू और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. सूत्रों ने बताया कि कई देशों के राजनयिकों ने भारत सरकार से अनुरोध किया था कि अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटने के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए उन्हें कश्मीर का दौरा करने की अनुमति दी जाए. भारत ने विश्व के लगभग सभी बड़े देशों की राजधानियों से संपर्क कर अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त करने के निर्णय पर अपना मत रखा था.

इससे पहले दिल्ली के एक थिंक टैंक द्वारा यूरोपीय संघ के 23 सांसदों के शिष्टमंडल को जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर ले जाया गया था. हालांकि इस पर काफी सवाल उठे थे. बाद में सरकार ने उसे निजी दौरा बताया था.