पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष को झटका दिया है. उन्होंने कहा है कि वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा 13 जनवरी को बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करेंगी. संशोधित नागरिकता कानून, 2019 (सीएए) के मुद्दे पर देश के कई विश्वविद्यालयों में हिंसा से पैदा हुई स्थिति पर चर्चा के लिए सोनिया गांधी ने वाम मोर्चा सहित सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है.

पीटीआई के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी ने यह फैसला बुधवार को ट्रेड यूनियनों के बंद के दौरान राज्य में वामपंथी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिंसा के विरोध में लिया है. 24 घंटे के इस राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा और आगजनी की कई घटनाएं हुईं. प्रदर्शनकारियों ने रेल और सड़क यातायात बाधित करने का भी प्रयास किया. इससे आम जनजीवन पर असर पड़ा. ममता बनर्जी ने कहा कि वामपंथियों और कांग्रेस के ‘दोहरे मानदंड’ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ममता बनर्जी ने ये सारी बातें पश्चिम बंगाल विधानसभा में कहीं. उनका कहना था, ‘मैंने नयी दिल्ली में 13 जनवरी को सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है क्योंकि मैं वाम और कांग्रेस द्वारा कल (बुधवार) पश्चिम बंगाल में की गई हिंसा का समर्थन नहीं करती.’