उत्तर प्रदेश सरकार ने गौतमबुद्ध नगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गुरुवार को उन्हें निलंबित कर दिया. उत्तर प्रदेश के सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है.

नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण पिछले दिनों उस समय चर्चा में आए थे, जब उनका एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो के वायरल होने के बाद वैभव कृष्ण ने प्रेस कान्फ्रेंस कर आरोप लगाए थे कि उन्होंने रिश्वत लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने वाले कुछ पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिस वजह से उनका यह फर्जी वीडियो वायरल किया जा रहा है. इस प्रेस कान्फ्रेंस में शासन को भेजी गई एक गोपनीय रिपोर्ट भी लीक कर दी गई थी. इस रिपोर्ट में ट्रांसफर-पोस्टिंग के रैकेट में प्रदेश के पांच अन्य जिलों के कप्तानों के भी शामिल होने की बात कही गई थी. इस पूरे घटनाक्रम के बाद शासन ने वायरल वीडियो और अन्य आरोपों की जांच शुरु की थी.

गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में वह वीडियो और चैट सही पायी गयी है, जिसे वैभव कृष्ण ने फर्जी बताया था. प्रवक्ता ने बताया कि फॉरेंसिक जांच में सामने आय़ा है कि वीडियो ‘एडिटेड और मार्फ्ड’ नहीं था. नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्ण ने वायरल वीडियो के संबंध में खुद ही प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जिसके बाद मेरठ के एडीजी और आईजी इसकी जांच कर रहे थे.

सरकारी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि आईपीएस वैभव कृष्ण ने शासन को भेजी गोपनीय रिपोर्ट को लीक कर अधिकारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किया है. जिस कारण से उन्हें निलंबित कर दिया गया है. वैभव कृष्ण के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं. प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रकरण में वैभव कृष्ण के निलंबन के अलावा उन पांचों आईपीएस अधिकारियों को भी जिलों से हटा दिए गया है जो आरोपों के घेरे में आए हैं. प्रवक्ता के अनुसार एसआईटी को पंद्रह दिनों के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिए गए हैं.