जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में नकाबपोश हमलावरों के हमले की घटना के चार दिन बाद पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान की है. पीटीआई के मुताबिक दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने यह जानकारी दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसे दो वाट्सएप समूहों के कम से कम 70 एडमिनों की पहचान की गई है जिनमें कथित तौर पर जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के सदस्यों पर हमले की योजना बनाई गई थी. पुलिस ने अब तक विश्वविद्यालय के 100 से अधिक लोगों से बात की है जिनमें छात्र, शिक्षक, वार्डन और गवाह शामिल हैं.

बीते रविवार को जेएनयू में कुछ नकाबपोश हमलावर घुस आए थे और उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट की थी. भाजपा और वामदलों द्वारा समर्थित छात्र संगठन इस घटना का आरोप एक दूसरे पर लगा रहे हैं. घटना के बाद से इसे लेकर सियासी तूफान भी जारी है. विपक्ष का कहना है कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज दबाना चाहती है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तो यह तक कह चुकी हैं कि जेएनयू में घुसे गुंडों को मोदी सरकार की शह थी. उधर सरकार ने कहा है कि विश्वविद्यालयों को राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा. इस घटना के विरोध में देश भर के तमाम विश्वविद्यालयों के छात्र भी प्रदर्शन कर रहे हैं.