संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक में ममता बनर्जी के शामिल न होने की घोषणा के बाद भाजपा ने विपक्ष पर निशाना साधा है. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सीएए पर देश का माहौल खराब करने के बाद अब विपक्षी दल ध्रुवीकरण के खेल में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा में लगे हुए हैं. उनका कहना था कि इस तरह वे एक-दूसरे का ही पर्दाफाश कर रहे हैं. सोनिया गांधी ने यह बैठक 13 जनवरी को बुलाई है जिसमें वाम दल भी हिस्सा लेंगे. लेकिन ममता बनर्जी ने कांग्रेस और वाम दलों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए इसका बायकॉट कर दिया है.

पीटीआई के मुताबिक दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कहा, ‘पूरे देश में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर हिंसा का माहौल बनाया जा रहा है और यह तुष्टिकरण का 20-20 मैच चल रहा है.’ उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, टीएमसी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी, ये सब मिलकर मुसलमानों को भड़का रहे हैं. संबित पात्रा का यह भी कहना था कि ये सभी दल देश में हिंसा और आगजनी का माहौल बनाना चाहते हैं.

संबित पात्रा ने दावा किया कि बुधवार को भारत बंद के दौरान पश्चिम बंगाल के मालदा में कई बसें जलाई गईं और पुलिस पर हमले हुए. उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी कह रही हैं कि ये सब कांग्रेस और माकपा ने किया है जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगी.’ उनके मुताबिक ममता बनर्जी ऐसा इसलिये कह रही हैं क्योंकि वे बंगाल में मुस्लिम वोट को बंटते नहीं देखना चाहतीं. संबित पात्रा ने इसे ध्रुवीकरण की राजनीति का स्पष्ट उदाहरण बताया. उन्होंने आगे कहा, ‘अखिलेश यादव की पार्टी के एक नेता कहते हैं कि हम जब सत्ता में आयेंगे तो सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को भत्ता देंगे, इससे अधिक शर्मनाक और क्या हो सकता है.’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और वह इसका जवाब देगी.